10 साल में अमेरिका के लिए कैसे जरूरी हुआ भारत:चीन के साथ G2 छोड़ भारत के साथ QUAD बनाया
पिछले एक दशक में भारत और अमेरिका के संबंधों में गहरा परिवर्तन देखा गया है। वैश्विक राजनीति और व्यापार के बदलते समीकरणों ने अमेरिका को चीन की बजाय भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपने 9वें अमेरिका दौरे पर हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की एक और कड़ी है। आइए जानते हैं कैसे भारत, अमेरिका के लिए वैश्विक राजनीति में अहम हो गया है और चीन के साथ G2 मॉडल की बजाय भारत के साथ QUAD जैसी साझेदारियों को प्राथमिकता दी गई है।
1. चीन के साथ G2 से हटकर भारत की ओर झुकाव
- G2 मॉडल: 2009 में, अमेरिका और चीन के बीच G2 (Group of Two) की अवधारणा उभरी, जिसमें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान करने की सोच रही थीं। लेकिन कुछ वर्षों में यह रणनीति विफल रही क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक और सैन्य टकराव बढ़ गया।
- भारत की भूमिका: चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए अमेरिका ने अपनी नीति में बदलाव किया और भारत को प्रमुख साझेदार के रूप में देखना शुरू किया। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक प्रणाली, और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान करने की क्षमता ने इसे एक मजबूत साझेदार के रूप में उभारा।
2. QUAD की स्थापना और उसका महत्व
- QUAD (Quadrilateral Security Dialogue): 2017 में अमेरिका, भारत, जापान, और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर QUAD को पुनर्जीवित किया। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है।
- सुरक्षा और समुद्री सहयोग: QUAD के तहत, चारों देशों ने सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और समुद्री सहयोग को प्राथमिकता दी है, जिसमें चीन की आक्रामक नीतियों का जवाब देने के लिए एकजुटता दिखाई गई है। यह भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करने का एक प्रमुख मंच बन गया है।
3. रक्षा और रणनीतिक साझेदारी
- रक्षा सहयोग: पिछले 10 वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किए हैं, जिनमें COMCASA, BECA, और LEMOA जैसे समझौते शामिल हैं, जो सैन्य उपकरणों, सूचना साझाकरण और लॉजिस्टिक्स में आपसी समर्थन को बढ़ावा देते हैं।
- रक्षा खरीद: भारत ने अमेरिका से कई रक्षा उपकरण खरीदे हैं, जिनमें अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर्स, P-8I पनडुब्बी रोधी विमान, और अन्य उन्नत हथियार शामिल हैं। इससे दोनों देशों की सैन्य साझेदारी में नई ऊंचाइयां आई हैं।
4. आर्थिक और तकनीकी साझेदारी
- आर्थिक वृद्धि: भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बना दिया है। दोनों देशों के बीच व्यापार 150 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है, और अमेरिकी कंपनियां भारत में अपने व्यापार का विस्तार कर रही हैं।
- तकनीकी सहयोग: दोनों देशों ने तकनीकी क्षेत्र में भी घनिष्ठ संबंध बनाए हैं। अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत न केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है, बल्कि एक महत्वपूर्ण तकनीकी हब भी है, जहां से टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में तेजी लाई जा रही है।
- सेमीकंडक्टर और एआई में सहयोग: हाल ही में अमेरिका और भारत ने सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाई है, जिससे दोनों देशों की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा मिला है।
5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 9वां दौरा
- प्रधानमंत्री मोदी का यह 9वां अमेरिकी दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहा है। इस दौरे में कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है, जिसमें व्यापार, तकनीकी सहयोग, जलवायु परिवर्तन, और वैश्विक सुरक्षा शामिल हैं।
- प्रमुख एजेंडा: मोदी के दौरे के दौरान, QUAD के तहत सहयोग को और मजबूत करने, रक्षा क्षेत्र में नए समझौतों पर चर्चा, और अमेरिका-भारत के बीच तकनीकी क्षेत्र में नवाचार बढ़ाने के मुद्दों पर जोर दिया जाएगा।
6. चीन के मुकाबले भारत की अहमियत
- चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर व्यापार युद्ध और दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता के कारण। इसके विपरीत, भारत ने अमेरिका के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखे हैं। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, मजबूत संस्थान, और बढ़ती आर्थिक शक्ति ने अमेरिका को उसे एक मजबूत साझेदार के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया है।
- Hind-Pacific रणनीति: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती शक्ति का सामना करने के लिए अमेरिका ने भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखा है। दोनों देशों की नौसेनाओं ने मिलकर इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिली है।
