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CCI ने सैमसंग, शाओमी और अन्य स्मार्टफोन कंपनियों पर अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया

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भारत की प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने सैमसंग, शाओमी, मोटोरोला, रियलमी, और वनप्लस जैसी प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों पर अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। CCI ने कहा है कि इन कंपनियों ने इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं, जो प्रतिस्पर्धा विरोधी कानूनों का उल्लंघन है।

मुख्य बिंदु:

  • अरोप और रिपोर्ट: CCI ने अपनी 1027 पेज की रिपोर्ट में दावा किया है कि सैमसंग, शाओमी, मोटोरोला, रियलमी, और वनप्लस की भारतीय यूनिट्स ने अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर एक्सक्लूसिव स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई है। एक अलग रिपोर्ट में, फ्लिपकार्ट के संदर्भ में 1696 पेज की रिपोर्ट में भी यही आरोप लगाए गए हैं।
  • आरोप की प्रकृति: CCI के अनुसार, अमेजन और फ्लिपकार्ट ने चुनिंदा विक्रेताओं को प्रेफरेंस, प्रायोरिटी लिस्टिंग, और भारी डिस्काउंट दिया, जिससे बाकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, विदेशी निवेश का इस्तेमाल करके इन प्लेटफॉर्म्स ने चुनिंदा विक्रेताओं को गोदाम और मार्केटिंग जैसी सेवाओं में छूट दी है।
  • जांच की शुरुआत: यह जांच 2020 में भारतीय रिटेल एसोसिएशन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की शिकायत पर शुरू हुई थी। रिटेलर्स ने आरोप लगाया था कि उन्हें लेटेस्ट मॉडल नहीं मिलते, जिससे उनके व्यवसाय को हानि हो रही है।
  • फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स का आदेश: CCI ने शाओमी, सैमसंग, वनप्लस, रियलमी, और मोटोरोला को 2024 तक के तीन वित्तीय वर्षों के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश 28 अगस्त को जारी किया गया था।
  • भविष्य की कार्रवाई: CCI आने वाले हफ्तों में अपनी रिपोर्ट पर अमेजन, फ्लिपकार्ट, रिटेलर एसोसिएशन, और स्मार्टफोन कंपनियों की आपत्तियों की समीक्षा करेगा। इसके बाद, पेनल्टी लगाई जा सकती है और कंपनियों को बिजनेस प्रैक्टिसेस में बदलाव करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
  • ई-रिटेल मार्केट का भविष्य: भारत में ई-रिटेल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और कंसल्टेंसी फर्म बेन के अनुसार, यह 2028 तक 16,000 करोड़ डॉलर के पार पहुंच सकता है, जो 2023 में 5,700-6,000 करोड़ डॉलर था।