पेजर फिर वॉकी-टॉकी ब्लास्ट, हिजबुल्लाह के पीछे क्यों पड़ा मोसाद:इजराइल से जीती जमीन छुड़वाई
हाल ही में सामने आए पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट के पीछे इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का नाम प्रमुखता से आ रहा है। इस ऑपरेशन का लक्ष्य हिजबुल्लाह के प्रमुख, हसन नसरल्लाह, और उसके आतंकवादी संगठन की गतिविधियों को कमजोर करना है। हिजबुल्लाह, जो लेबनान में एक शक्तिशाली सशस्त्र समूह के रूप में उभरा है, न केवल इजराइल के लिए एक गंभीर खतरा है, बल्कि लेबनान के प्रधानमंत्री से भी अधिक प्रभावशाली हो गया है।
हिजबुल्लाह और इजराइल का संघर्ष:
- इजराइल से जीती जमीन: हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ लड़ाई में कई बार सफलता हासिल की है, जिसमें 2006 का युद्ध एक प्रमुख घटना थी। इस संघर्ष में हिजबुल्लाह ने इजराइल के कब्जे से कई इलाकों को छुड़वाने में सफलता प्राप्त की, जिससे इजराइल की सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई।
- नसरल्लाह की ताकत: हिजबुल्लाह का नेता हसन नसरल्लाह केवल एक सैन्य कमांडर नहीं है, बल्कि लेबनान की राजनीति और समाज पर उसकी पकड़ बहुत मजबूत है। उसकी ताकत इतनी अधिक है कि कई लोग उसे लेबनान के प्रधानमंत्री से भी अधिक शक्तिशाली मानते हैं। उसका संगठन दक्षिण लेबनान में व्यापक प्रभाव रखता है, जहां उसने इजराइल के खिलाफ सैन्य मोर्चा खोल रखा है।
मोसाद की रणनीति: 3. पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट: मोसाद द्वारा हाल ही में किए गए पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट इसी रणनीति का हिस्सा थे, जिसके जरिए उन्होंने हिजबुल्लाह के उच्च-स्तरीय नेताओं और उसके संचार नेटवर्क को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन बेहद सावधानी और गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया, ताकि हिजबुल्लाह के भीतर अफरा-तफरी मचाई जा सके।
- हिजबुल्लाह के खिलाफ मोसाद का फोकस: मोसाद लगातार हिजबुल्लाह के बढ़ते प्रभाव और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के प्रयास कर रहा है। इजराइल के लिए हिजबुल्लाह एक प्रमुख खतरा है, खासकर क्योंकि यह संगठन सीधे इरान द्वारा समर्थित है और इजराइल के सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता फैलाने की क्षमता रखता है।
- लेबनान की राजनीतिक स्थिति: लेबनान में नसरल्लाह की राजनीतिक और सैन्य ताकत ने इजराइल के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उसकी रणनीति और सैन्य नेतृत्व इजराइल के साथ संघर्षों में बार-बार सामने आया है, जिससे मोसाद ने उसे शीर्ष लक्ष्य के रूप में चुना है।
इस प्रकार, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच का संघर्ष सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक और क्षेत्रीय प्रभाव का संघर्ष बन गया है। इजराइल का मोसाद हिजबुल्लाह की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और उसे कमजोर करने की कोशिश में जुटा है, ताकि क्षेत्रीय संतुलन इजराइल के पक्ष में बना रहे।
