पूरी दुनिया के 25% टीबी मरीज भारत में: 25 लाख से ज्यादा लोगों को टीबी, डॉक्टर से जानिए लक्षण और बचाव के उपाय
भारत टीबी (तपेदिक) के मामलों में दुनिया में सबसे आगे है, जहां वैश्विक टीबी मरीजों का लगभग 25% हिस्सा भारत में है। वर्तमान में, 25 लाख से ज्यादा लोग टीबी की बीमारी से प्रभावित हैं। इस गंभीर स्थिति ने स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंतित कर दिया है, और इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
टीबी के लक्षण
टीबी के लक्षण विभिन्न हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः इनमें शामिल हैं:
- खांसी: लगातार खांसी, जो तीन सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है।
- बुखार: दिन में हल्का बुखार और रात में पसीना आना।
- वजन कम होना: बिना किसी कारण के वजन का तेजी से घटना।
- थकान: लगातार थकान और कमजोरी का अनुभव।
- सीने में दर्द: सांस लेने में दर्द और असुविधा।
टीबी के कारण
टीबी एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से वायु के माध्यम से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से उत्पन्न सूक्ष्मकण अन्य व्यक्तियों के श्वसन तंत्र में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, खराब पोषण, कमजोर इम्यून सिस्टम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी टीबी के संक्रमण का खतरा बढ़ाती हैं।
बचाव के उपाय
टीबी से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- टीकाकरण: बच्चों को जन्म के बाद बीसीजी (BCG) वैक्सीन दी जानी चाहिए, जो टीबी से सुरक्षा प्रदान करती है।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य: व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना और स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है। हाथों को नियमित रूप से धोना और मास्क पहनना महत्वपूर्ण है।
- सही आहार: पोषण से भरपूर आहार लेना, जिसमें फल, सब्जियाँ, और प्रोटीन शामिल हों, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
- धूम्रपान और शराब से बचें: धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन टीबी के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- स्वास्थ्य जांच: नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
डॉक्टर से सलाह
यदि आपको टीबी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आवश्यक जांच करेंगे और सही उपचार की सलाह देंगे। टीबी का इलाज समय पर शुरू करने से रोग को नियंत्रित किया जा सकता है और अन्य लोगों में फैलने से रोका जा सकता है।
