तसलीमा नसरीन ने अमित शाह से मांगी मदद: कहा- “भारतीय रेजिडेंस परमिट एक्सपायर होने से परेशान हूं, भारत मेरा दूसरा घर है”
प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने भारतीय रेजिडेंस परमिट (निवास परमिट) के एक्सपायर होने की समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर चिंता जताई और इसे लेकर अमित शाह से हस्तक्षेप की अपील की। तसलीमा ने कहा कि भारत उनका दूसरा घर है और इस देश में रहने की उनकी इच्छा हमेशा से रही है।
तसलीमा नसरीन, जो बांग्लादेश में अपने लिखे लेखों और किताबों के कारण कट्टरपंथी इस्लामी गुटों के निशाने पर रही हैं, पिछले कई वर्षों से भारत में रह रही हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “मेरा भारतीय रेजिडेंस परमिट एक्सपायर हो चुका है, और इसे रिन्यू कराने की प्रक्रिया काफी परेशान करने वाली हो रही है। भारत मेरा दूसरा घर है, और मैं यहां शांति से रहना चाहती हूं।”
तसलीमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निवेदन किया कि उनकी रेजिडेंस परमिट की समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए ताकि वे भारत में अपनी सामान्य जीवनशैली जारी रख सकें।
तसलीमा नसरीन ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि भारत उनका पसंदीदा देश है और यहां रहना उनके लिए सबसे सुरक्षित और सुकून भरा है। 1994 में जब बांग्लादेश में उनके खिलाफ कट्टरपंथी गुटों ने हिंसा की धमकी दी थी, तब से तसलीमा बांग्लादेश छोड़कर विभिन्न देशों में शरण लेती रही हैं। भारत ने उन्हें एक लंबे समय तक शरण दी है, और उन्होंने अपने कई साहित्यिक कार्यों को यहीं से जारी रखा है।
तसलीमा ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि वे भारतीय नागरिकता की मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें भारत में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिलती रहेगी। उनका मानना है कि भारत ने उन्हें जो समर्थन और शरण दी है, उसकी बदौलत वे अपनी लेखनी और स्वतंत्र विचारधारा को जीवित रख सकी हैं।
फिलहाल, केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से तसलीमा नसरीन की अपील पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, तसलीमा की इस सार्वजनिक अपील के बाद यह देखना होगा कि भारतीय सरकार इस मुद्दे को किस प्रकार से हल करती है।
