किन चीजों से सबसे ज्यादा बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल? ये होते हैं शुरुआती लक्षण
कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार की वसा है जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होती है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर का मुख्य कारण अस्वास्थ्यकर खान-पान और जीवनशैली होती है। यहां हम उन चीजों की बात करेंगे, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं, और साथ ही इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में जानेंगे।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली चीजें:
- संतृप्त वसा (Saturated Fat): संतृप्त वसा ज्यादातर पशु उत्पादों में पाई जाती है, जैसे कि घी, मक्खन, लाल मांस, और फुल-फैट डेयरी उत्पाद। ये वसा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को तेजी से बढ़ा सकती हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।
- ट्रांस फैट (Trans Fat): ट्रांस फैट ज्यादातर प्रोसेस्ड फूड्स, बेकरी उत्पाद, फ्रेंच फ्राइज, और पैकेज्ड स्नैक्स में पाया जाता है। यह वसा कोलेस्ट्रॉल के ‘खराब’ (LDL) स्तर को बढ़ाकर और ‘अच्छे’ (HDL) कोलेस्ट्रॉल को घटाकर हृदय स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है।
- तली-भुनी चीजें: ज्यादा तेल में तले गए खाद्य पदार्थ, जैसे समोसा, कचौड़ी, पूड़ी, चिप्स आदि, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं। इनमें अस्वास्थ्यकर तेल का उपयोग होता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है।
- प्रोसेस्ड मीट: प्रोसेस्ड मीट जैसे कि सॉसेज, सलामी, बेकन, और हॉट डॉग्स में कोलेस्ट्रॉल और संतृप्त वसा की मात्रा बहुत अधिक होती है। इन्हें नियमित रूप से खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है।
- फास्ट फूड: फास्ट फूड जैसे बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज आदि में भी ट्रांस फैट और संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है। ये खाने की चीजें कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं।
- मिठाइयां और शुगर युक्त ड्रिंक्स: अत्यधिक चीनी का सेवन, खासकर सॉफ्ट ड्रिंक्स और डेजर्ट्स में पाया जाने वाला, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है। यह ट्राइग्लिसराइड्स को भी बढ़ाता है, जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती लक्षण:
- सीने में दर्द (Chest Pain): जब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाती है, तो यह धमनियों में जमा होने लगता है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो सकता है। इसके कारण सीने में दर्द, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान, हो सकता है। इसे एनजाइना कहा जाता है।
- शरीर में कमजोरी और थकान (Weakness and Fatigue): धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने के कारण शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे व्यक्ति को अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है।
- सांस फूलना (Shortness of Breath): उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल को पंप करने में दिक्कत होती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। यह हृदय पर अधिक दबाव डालता है और सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है।
- हाथ-पैरों में सुन्नपन (Numbness in Hands and Feet): खराब रक्त परिसंचरण के कारण शरीर के विभिन्न हिस्सों, खासकर हाथ-पैरों में सुन्नता और झुनझुनी हो सकती है। यह कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर का एक संकेत हो सकता है।
- स्किन पर पीले धब्बे (Yellowish Deposits on Skin): उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण स्किन पर पीले रंग के धब्बे या गांठे (जिन्हें ज़ैंथोमास कहा जाता है) बन सकते हैं। ये ज्यादातर आंखों के आसपास, कोहनी, घुटनों और पंजों पर दिखाई देते हैं।
- दिल की धड़कन का बढ़ना (Irregular Heartbeat): अगर आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर बहुत अधिक है, तो यह दिल की धड़कन को असामान्य बना सकता है। इस स्थिति में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।
कैसे बचा जा सकता है?
- अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें, जैसे कि फल, सब्जियां, और साबुत अनाज।
- नियमित रूप से व्यायाम करें और सक्रिय रहें।
- प्रोसेस्ड और तली-भुनी चीजों से बचें।
- धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
- नियमित रूप से अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं और डॉक्टर के निर्देशानुसार दवा का सेवन करें।
