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कनाडा-भारत विवाद के बीच इमिग्रेशन बिजनेस में 70% की गिरावट, IELTS परीक्षा देने वाले छात्रों में भी 50% की कमी

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भारत और कनाडा के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव का असर अब इमिग्रेशन बिजनेस पर भी दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस विवाद के चलते इमिग्रेशन बिजनेस में 70% तक की गिरावट आई है। जहाँ पहले बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर कनाडा में पढ़ाई और रोजगार के लिए वीजा अप्लाई करते थे, वहीं अब इसमें भारी कमी देखी जा रही है। IELTS परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या में भी 50% की गिरावट दर्ज की गई है।

वीजा संख्या में नहीं, आवेदनों में कमी

इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वीजा अप्लाई करने वाले आवेदकों में इस गिरावट का मुख्य कारण कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक तनाव है। सरकार की ओर से वीजा पॉलिसी में बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आवेदक अब इस तनाव को देखते हुए कनाडा में उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए आवेदन करने से हिचकिचा रहे हैं। इसका असर उन एजेंसियों और कंसल्टेंट्स पर भी पड़ रहा है जो छात्रों को कनाडा भेजने में मदद करते थे।

IELTS परीक्षा देने वालों में 50% की गिरावट

भारत में कनाडा के प्रति बदलते रुझान का असर IELTS परीक्षा में बैठने वाले छात्रों पर भी पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले जहां बड़ी संख्या में छात्र कनाडा में पढ़ाई के लिए IELTS की तैयारी करते थे, अब उनमें से लगभग आधे ने कनाडा का विकल्प छोड़ दिया है। छात्रों का कहना है कि वे अब अन्य देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, यूके और अमेरिका में पढ़ाई के लिए विकल्प तलाश रहे हैं।

छात्रों और पेशेवरों में अनिश्चितता

इस विवाद का प्रभाव भारतीय छात्रों और पेशेवरों में बढ़ती अनिश्चितता के रूप में देखा जा रहा है। कई छात्रों का कहना है कि वे कनाडा के बदले अन्य देशों में पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, जबकि पेशेवर रोजगार के लिए कनाडा की बजाय अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। छात्रों का मानना है कि कनाडा में बढ़ते तनाव के चलते वहां रोजगार के अवसरों पर भी असर पड़ सकता है।

कनाडा में भारतीय इमिग्रेशन पर दीर्घकालिक प्रभाव

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि भारत और कनाडा के बीच यह विवाद जारी रहता है, तो इसका असर दीर्घकालिक रूप में कनाडा में भारतीय इमिग्रेशन पर भी पड़ सकता है। भारतीय समुदाय, जो कनाडा में एक बड़ा प्रवासी समुदाय है, इस विवाद से प्रभावित हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप, कनाडा की अर्थव्यवस्था और भारतीय समुदाय के साथ उसके व्यापारिक संबंधों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

इस विवाद का यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो कनाडा में भारतीय इमिग्रेशन में यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।