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कहीं आपकी कॉफी में गोबर तो नहीं: 30% फूड सैंपल टेस्ट में फेल, मिलावट से सेहत को खतरा, ऐसे करें पहचान

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आजकल खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट एक बड़ी समस्या बन गई है, और इससे आपकी सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। हाल ही में हुए एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिनके मुताबिक बाजार में बिक रहे 30% फूड सैंपल टेस्ट में फेल हो गए। इनमें से कई उत्पादों में खतरनाक स्तर तक मिलावट पाई गई, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। खासकर, कॉफी में मिलावट की खबरें चौंकाने वाली हैं, जहां गोबर, लकड़ी का बुरादा और अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिलाए जाने के मामले सामने आए हैं।

मिलावट का सेहत पर असर

कॉफी में मिलावट से न केवल इसका स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी गंभीर खतरे का कारण बन सकती है। गोबर जैसी चीजें, अगर किसी खाने-पीने की चीज में मिलाई जाएं, तो इससे पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, लकड़ी का बुरादा या अन्य अपशिष्ट पदार्थ आपके पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं और लंबे समय तक इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

कैसे होती है मिलावट?

मिलावटखोर सस्ती और घटिया क्वालिटी की चीजों को असली उत्पादों में मिलाकर बेचते हैं ताकि उन्हें ज्यादा मुनाफा हो सके। कॉफी जैसे उत्पाद में आमतौर पर गोबर, लकड़ी का बुरादा, रंग और अन्य गैर-खाद्य पदार्थ मिलाए जाते हैं। इससे उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और शुद्धता खत्म हो जाती है।

कॉफी के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों जैसे दूध, मसाले, तेल और मिठाइयों में भी मिलावट की खबरें लगातार आती रही हैं। हाल के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि खाद्य मिलावट एक गंभीर मुद्दा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मिलावट की पहचान कैसे करें?

मिलावट को पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ सरल तरीकों से आप इसका पता लगा सकते हैं:

  1. कॉफी की शुद्धता की जांच:
    • एक गिलास पानी में कॉफी के कुछ दाने डालें। अगर कॉफी में मिलावट होगी, तो यह पानी के ऊपर तैर जाएगी। असली कॉफी पानी में घुल जाती है और तल में जम जाती है।
  2. रंग और बनावट:
    • मिलावटी कॉफी का रंग असली कॉफी से हल्का या गहरा हो सकता है। साथ ही, इसकी बनावट भी असामान्य हो सकती है।
  3. गंध का परीक्षण:
    • असली कॉफी की गंध ताजगी से भरपूर होती है, जबकि मिलावटी कॉफी की गंध फीकी या अप्राकृतिक हो सकती है।
  4. ताज़गी और पैकेजिंग:
    • हमेशा ब्रांडेड और प्रमाणित पैकेजिंग वाले उत्पाद खरीदें। खुले या सस्ते उत्पादों से बचें, क्योंकि इनमें मिलावट की संभावना अधिक होती है।
  5. फूड सेफ्टी एप्स और टेस्ट किट्स:
    • आजकल कई फूड सेफ्टी एप्स और मिलावट जांचने वाली किट्स उपलब्ध हैं, जिनसे आप अपने घर पर ही खाने की चीज़ों की शुद्धता जांच सकते हैं।

सरकार और नियामक एजेंसियों की भूमिका

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और अन्य संबंधित एजेंसियां समय-समय पर सैंपल टेस्ट करती हैं और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करती हैं। लेकिन इसके बावजूद, मिलावटखोरी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार द्वारा सख्त नियमों और कानूनों के बावजूद, मिलावट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।