इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी 9 महीने बाद जेल से रिहा: इस्लामाबाद कोर्ट ने जमानत मंजूर की, इमरान अभी भी जेल में
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है, जिसके बाद उन्हें 9 महीने बाद जेल से रिहाई मिली है। बुशरा बीबी पर आरोप था कि उन्होंने और इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान तोशाखाना के सरकारी उपहारों का दुरुपयोग किया था। इस मामले में इमरान खान को पहले ही गिरफ्तार किया गया था और वह अब भी जेल में हैं। हालांकि, बुशरा बीबी की जमानत से इमरान खान समर्थकों में खुशी है, लेकिन उनकी रिहाई से इमरान की रिहाई पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है।
बुशरा बीबी पर आरोप और जमानत की वजह
बुशरा बीबी पर तोशाखाना मामले में सरकारी उपहारों के दुरुपयोग का आरोप है। पाकिस्तान में नेताओं और अधिकारियों को विदेशी मेहमानों से मिलने वाले तोहफों को सरकारी खजाने यानी तोशाखाना में जमा करना होता है। उन पर आरोप है कि इमरान के कार्यकाल के दौरान उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए इन उपहारों को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया।
हालांकि, बुशरा बीबी ने इन आरोपों का खंडन किया और उनके वकीलों ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि बुशरा केवल परिवार की एक सदस्य थीं और सरकारी कार्यों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकारते हुए उनकी जमानत मंजूर कर दी।
इमरान खान अब भी जेल में
बुशरा बीबी की रिहाई के बावजूद इमरान खान अभी भी जेल में रहेंगे। इमरान को इसी मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ कई अन्य मामलों में भी कार्यवाही चल रही है।
इमरान खान के समर्थक उम्मीद कर रहे थे कि बुशरा बीबी की जमानत से इमरान की रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन कोर्ट के आदेश के अनुसार इमरान को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थक उनकी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं और इसका विरोध कर रहे हैं।
समर्थकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
बुशरा बीबी की रिहाई से इमरान खान के समर्थकों में खुशी तो है, लेकिन इमरान की रिहाई को लेकर अनिश्चितता भी है। इमरान के समर्थकों का मानना है कि बुशरा बीबी को जेल में रखना न्याय संगत नहीं था और उनकी रिहाई सही निर्णय है।
पाकिस्तान की राजनीति पर प्रभाव
बुशरा बीबी की रिहाई और इमरान खान का जेल में रहना, पाकिस्तान की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। इस मामले से पाकिस्तान में न्यायपालिका और राजनीति के बीच संबंधों पर भी सवाल उठे हैं। इमरान के खिलाफ मामलों को लेकर पाकिस्तान की राजनीति में तनाव बना हुआ है।
