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निमोनिया से इन लोगों को होता है सबसे ज्यादा खतरा, जानें इसके शुरुआती लक्षण

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निमोनिया एक गंभीर संक्रमण है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। खासकर सर्दी के मौसम में यह रोग तेजी से फैलता है और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है। निमोनिया का सही समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इसीलिए इसके शुरुआती लक्षणों की जानकारी और जोखिम वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

निमोनिया सबसे ज्यादा खतरा निम्नलिखित लोगों को होता है:

  1. बच्चे और बुजुर्ग: बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जिससे वे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
  2. प्रतिकारक क्षमता कमजोर करने वाले मरीज: जैसे- हृदय रोग, मधुमेह, लिवर रोग, या कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
  3. धूम्रपान करने वाले व्यक्ति: धूम्रपान करने वालों का फेफड़ा कमजोर हो जाता है, जिससे संक्रमण के प्रति उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
  4. गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं का शरीर संक्रमण के प्रति संवेदनशील होता है, जिससे उन्हें निमोनिया का खतरा अधिक होता है।
  5. लंबे समय से अस्पताल में भर्ती लोग: लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती मरीजों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे उन्हें निमोनिया होने का खतरा बढ़ सकता है।

निमोनिया के शुरुआती लक्षण

निमोनिया के शुरुआती लक्षणों की पहचान करके इसे गंभीर होने से पहले रोका जा सकता है। निमोनिया के लक्षण इस प्रकार हैं:

  1. तेज बुखार: अचानक तेज बुखार होना निमोनिया का प्रमुख लक्षण है, जो सामान्य बुखार से अलग हो सकता है।
  2. खांसी और बलगम: सूखी या बलगम के साथ खांसी निमोनिया का प्रारंभिक संकेत हो सकती है। बलगम का रंग हरा, पीला या खून के धब्बे वाला हो सकता है।
  3. सांस लेने में दिक्कत: निमोनिया से पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है, जिससे बेचैनी हो सकती है।
  4. छाती में दर्द: सांस लेते समय छाती में दर्द या भारीपन महसूस होना निमोनिया का एक और लक्षण हो सकता है।
  5. थकान और कमजोरी: मरीज को सामान्य से अधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है, जिससे उसकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
  6. भूख न लगना: निमोनिया के कारण भूख कम हो जाती है और मरीज को सामान्य से कम खाना खाने की इच्छा होती है।

निमोनिया से बचाव के तरीके

निमोनिया से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतना आवश्यक है:

  • टीकाकरण: बच्चों और बुजुर्गों के लिए निमोनिया का टीका उपलब्ध है, जिससे वे संक्रमण से बच सकते हैं।
  • स्वच्छता का ध्यान: नियमित रूप से हाथ धोने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
  • धूम्रपान से बचें: धूम्रपान से फेफड़े कमजोर होते हैं, इसलिए इसे छोड़ना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
  • पौष्टिक आहार लें: इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर आहार लें।
  • सर्दी के मौसम में विशेष ध्यान: सर्दी में गर्म कपड़े पहनें और ठंड से बचें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।