महाराष्ट्र चुनावों के दौरान भाजपा को एक बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के बेटे ने अपने पिता के नामांकन से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट (SP) का दामन थाम लिया। यह राजनीतिक घटनाक्रम चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
पिता को भाजपा से टिकट, बेटा नाराज
भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक अनुभवी नेता को उम्मीदवार बनाया, जो पार्टी का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। हालांकि, उनके बेटे को इस फैसले से नाराजगी हुई। बेटा खुद पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और उसे भी टिकट की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी द्वारा उसके पिता को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उसने पार्टी से किनारा कर लिया।
NCP (SP) में हुई एंट्री
नाराज बेटे ने भाजपा छोड़कर शरद पवार की अगुवाई वाले NCP (SP) गुट का हाथ थाम लिया। शरद पवार की पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व से असहमत थे और उन्हें अपने राजनीतिक भविष्य के लिए NCP में बेहतर संभावनाएं नजर आईं। इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता और भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने का संकेत भी दिया।
चुनावी समीकरण पर असर
इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र चुनाव के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के एक युवा और महत्वाकांक्षी नेता ने पार्टी छोड़ दी है। साथ ही, NCP (SP) में नए चेहरे का शामिल होना पार्टी के लिए मजबूती का संकेत हो सकता है, जो इस बार चुनाव में अपने पुराने किले को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है।
महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति इस घटनाक्रम के बाद और दिलचस्प हो गई है, जहां परिवारों के बीच चुनावी संघर्ष से राजनीति के नए आयाम सामने आ रहे हैं।

