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कार्तिक माह कब से शुरू? पुण्य कमाने वाला महीना, इसका धार्मिक महत्व और नियम जानें

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कार्तिक माह का धार्मिक महत्व:

कार्तिक माह हिंदू धर्म के सबसे पवित्र महीनों में से एक है। इसे पुण्य कमाने और मोक्ष प्राप्त करने वाला महीना कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में भगवान विष्णु समुद्र में शयन करते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इस माह में विशेष रूप से भगवान विष्णु, शिव, और तुलसी देवी की पूजा का महत्व होता है।

  1. भगवान विष्णु की पूजा: कार्तिक माह में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस महीने में श्रीहरि विष्णु के किसी भी रूप की आराधना करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।
  2. भगवान शिव की भक्ति: शिव जी की आराधना भी इस माह में विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। कार्तिक मास में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
  3. तुलसी पूजा: तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। कार्तिक माह में तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है, विशेषकर देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

कार्तिक स्नान और नियम:

  1. स्नान का महत्व: कार्तिक मास में प्रातः काल स्नान को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इस माह में गंगा, यमुना या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। अगर नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करने का भी पुण्य मिलता है।
  2. व्रत और उपवास: कार्तिक मास में व्रत रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। महिलाएं और पुरुष इस माह में विशेष व्रत करते हैं, जैसे कि करवा चौथ, आखिरी सोमवती अमावस्या, और देवउठनी एकादशी। इन व्रतों को करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  3. दीपदान: कार्तिक माह में दीपदान का भी विशेष महत्व है। विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर, मंदिर और नदी किनारे दीप जलाने से समस्त कष्टों का निवारण होता है। यह माना जाता है कि दीपदान से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में प्रकाश और शांति का आगमन होता है।

कार्तिक मास के कुछ प्रमुख त्यौहार:

  1. करवा चौथ: विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद जीवन के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस दिन व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
  2. देवउठनी एकादशी: इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की निद्रा से जागते हैं। इस दिन व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  3. कार्तिक पूर्णिमा: यह दिन दीपदान और स्नान के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दीपदान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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