आंख फड़कने का कारण: किस विटामिन की कमी से होती है ये समस्या?
कई बार आपने महसूस किया होगा कि अचानक से आंख फड़कने लगती है। भारतीय मान्यताओं में इसे शुभ या अशुभ संकेत माना जाता है। हालांकि, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी होते हैं, जिनका संबंध हमारी शारीरिक स्वास्थ्य से है। आइए जानते हैं आंख फड़कने के पीछे की असली वजह और किस विटामिन की कमी इसका कारण हो सकती है।
आंख फड़कने के कारण
आंख फड़कना एक सामान्य शारीरिक क्रिया है, जिसे मायोकेमिया (Myokymia) कहा जाता है। यह तब होता है जब आंख की मांसपेशियों में अनैच्छिक रूप से हल्की हरकत होने लगती है। कई कारक इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे:
- थकान और तनाव: ज्यादा काम करने या मानसिक तनाव के कारण भी आंखों की मांसपेशियों में थकान हो सकती है, जिससे फड़कने की समस्या होती है।
- नींद की कमी: पर्याप्त नींद न लेने पर शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है और यह आंखों की मांसपेशियों पर असर डालती है।
- आंखों पर जोर: लगातार स्क्रीन पर काम करने से या ज्यादा पढ़ने से आंखों पर दबाव पड़ता है, जिससे फड़कन महसूस हो सकती है।
- कैफीन और शराब: कैफीन या शराब का अधिक सेवन करने से भी यह समस्या हो सकती है।
विटामिन की कमी से आंख फड़कना
आंख फड़कने के मुख्य कारणों में से एक शरीर में मैग्नीशियम की कमी है। मैग्नीशियम हमारी मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी हो सकती है, जिससे आंख फड़कने की समस्या होती है।
अन्य विटामिन की कमी भी आंख फड़कने का कारण हो सकती है:
- विटामिन B12: इसकी कमी से भी नसों और मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
- विटामिन D: यह हड्डियों और मांसपेशियों के लिए आवश्यक है, इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है।
समस्या से बचाव कैसे करें?
- मैग्नीशियम युक्त भोजन: अपने आहार में मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, बीज, और केले शामिल करें।
- तनाव प्रबंधन: योग और मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक तनाव को कम करें।
- नींद पूरी करें: पर्याप्त नींद लें ताकि आपकी आंखों को आराम मिले।
- आंखों की सुरक्षा: स्क्रीन टाइम कम करें और नियमित ब्रेक लें ताकि आंखों पर ज्यादा दबाव न पड़े।
अगर आंख फड़कने की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसमें दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
