मोहम्मद यूनुस ने माना- हसीना को साजिश के तहत हटाया: कहा- छात्र नेताओं ने प्लानिंग के साथ आंदोलन चलाया, वे देश को बदलेंगे
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने के पीछे साजिश का संकेत दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि छात्र नेताओं द्वारा योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया गया, जिसके चलते हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल किया गया।
छात्र आंदोलन की भूमिका
यूनुस के अनुसार, हाल के समय में बांग्लादेश में छात्र नेताओं ने एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूरी प्लानिंग के साथ आंदोलन चलाया, जो केवल सरकार विरोधी नहीं था, बल्कि देश में बदलाव लाने की एक कोशिश भी थी। उन्होंने छात्रों की तारीफ करते हुए कहा, “ये छात्र देश को बदलने की क्षमता रखते हैं और उन्हें भविष्य में बांग्लादेश की दिशा तय करनी होगी।”
साजिश के आरोप
यूनुस के इस बयान ने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थितियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शेख हसीना पर कई बार विपक्षी दलों और आंदोलनकारियों ने आरोप लगाए हैं कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं और सत्ता में बने रहने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं। यूनुस के इस बयान के बाद यह स्पष्ट होता है कि उनके खिलाफ एक योजनाबद्ध साजिश रची गई थी, जिसमें छात्र नेताओं की अहम भूमिका रही।
हसीना की प्रतिक्रिया
शेख हसीना या उनकी पार्टी अवामी लीग की ओर से इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस के इस बयान से बांग्लादेश की राजनीति में नई बहस छिड़ सकती है। हसीना सरकार पहले भी यूनुस पर आलोचना करती रही है, विशेषकर ग्रामीण बैंक को लेकर, जिसमें सरकार और यूनुस के बीच मतभेद सामने आए थे।
भविष्य की चुनौतियाँ
यूनुस का मानना है कि बांग्लादेश को अब एक नए नेतृत्व की आवश्यकता है, और छात्र आंदोलन उस दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि “छात्रों का नेतृत्व आने वाले समय में बांग्लादेश की राजनीति को एक नई दिशा देगा और वे देश के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे।”
यूनुस का यह बयान बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, खासकर जब देश पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।
