अर्शदीप सिंह डल्ला का ट्रायल रहेगा गोपनीय: ओंटारियो अदालत का फैसला, सार्वजनिक प्रसारण पर रोक
ओंटारियो की एक अदालत ने खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह डल्ला के ट्रायल को सार्वजनिक रूप से प्रसारित नहीं करने का आदेश दिया है। यह निर्णय तब आया जब कनाडा सरकार ने अदालत से इस मामले के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। सरकार ने दलील दी कि इस ट्रायल के प्रसारण से सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी मुद्दे उत्पन्न हो सकते हैं, साथ ही इससे न्याय प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।
अर्शदीप सिंह डल्ला, जिसे खालिस्तानी आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है, पर कनाडा में आतंकवाद से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं। भारत ने भी उस पर कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है और उसे भारत लाने की कोशिश कर रहा है।
कनाडा सरकार का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में सार्वजनिक प्रसारण से अदालत की निष्पक्षता और अभियोजन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, अदालत ने भी इस मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया है कि ट्रायल की जानकारी केवल सीमित लोगों तक ही पहुंचेगी और इसका प्रसारण या कवरेज सार्वजनिक नहीं होगा।
इस फैसले के बाद कनाडा में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। कई मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए, जबकि अन्य का मानना है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में गोपनीयता बरतना आवश्यक है।
