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दिवाली पर बच्चों की सुरक्षा: बरतें ये 10 जरूरी सावधानियां, बच्चों को सिखाएं ‘डेंजर’ पहचानना

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दिवाली का त्यौहार खुशियों के साथ-साथ बच्चों के लिए रोमांच का भी समय होता है। पटाखे, दीये, और रंगोली से घरों में रौनक तो रहती है, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए और उन्हें सेल्फ केयर के कुछ टिप्स सिखाने चाहिए ताकि वो खतरे को पहचान सकें और किसी अनहोनी से बच सकें।

बच्चों की सुरक्षा के लिए 10 जरूरी सावधानियां

  1. पटाखों से दूरी बनाए रखें: बच्चों को पटाखे जलाने से दूर रखें। अगर वे पटाखे फोड़ने का आनंद लेना चाहें तो उनकी देखरेख में ही ऐसा करें और सावधानी से फोड़ें।
  2. बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं: दिवाली के दौरान हल्के कपड़े पहनने के बजाय फुल आस्तीन के सूती कपड़े पहनाएं, जिससे शरीर सुरक्षित रहे।
  3. बच्चों को सुरक्षित स्थान दिखाएं: घर और बाहर दोनों में ही बच्चों को सुरक्षित स्थान बताएं, जहां वे आपात स्थिति में पहुंच सकें।
  4. ध्यान रखें कि बच्चे दीपों के पास न जाएं: दीयों और मोमबत्तियों से बच्चों को दूर रखें, ताकि जलने की घटनाओं से बचा जा सके।
  5. फर्स्ट एड किट पास रखें: किसी भी दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए फर्स्ट एड किट रखें और बच्चों को भी इसका उपयोग सिखाएं।
  6. सुरक्षा चश्मा पहनाएं: अगर बच्चे पटाखों के पास हों, तो उन्हें सुरक्षा चश्मा पहनाएं ताकि आँखों को कोई नुकसान न पहुंचे।
  7. बच्चों को बताया जाए कि पटाखे बुझाने के लिए बाल्टी पानी रखें: पटाखों के आसपास बाल्टी में पानी रखना और बच्चों को यह सिखाना कि जरूरत पड़ने पर पानी से आग बुझाई जा सकती है।
  8. घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें: पटाखों के धुएं से बचने के लिए खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि घर के अंदर प्रदूषण न पहुंचे।
  9. बच्चों को सही तरीके से पटाखे जलाना सिखाएं: अगर बच्चे पटाखे जलाना ही चाहें, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से पटाखे जलाने की जानकारी दें, जैसे कि लम्बी माचिस का उपयोग करें और तुरंत पीछे हट जाएं।
  10. मोबाइल फोन और गैजेट्स से दूरी: दिवाली के दौरान बच्चों को गैजेट्स से दूर रखें ताकि उनका ध्यान अधिकतम सुरक्षा पर रहे।

सेल्फ केयर के 10 टिप्स: बच्चों को सिखाएं खतरे को पहचानना

  1. खुद को किसी भी जलती हुई चीज से दूर रखना: बच्चों को सिखाएं कि जलती हुई मोमबत्ती, दीये और पटाखों से हमेशा दूरी बनाए रखें।
  2. ध्यान से देखें, सुने और समझें: बच्चों को सिखाएं कि वो अपने आसपास की आवाजों और घटनाओं पर ध्यान दें और किसी भी खतरे को पहचानें।
  3. धुएं से बचाव: धुएं वाले स्थान से दूर रहें और मुंह पर कपड़ा लगाएं।
  4. बड़ों से अनुमति लें: हर गतिविधि में बड़ों से अनुमति लें, खासकर पटाखों के मामले में।
  5. पटाखे हाथ में न पकड़ें: बच्चों को सिखाएं कि कभी भी जलते हुए पटाखे को हाथ में न पकड़ें।
  6. रनिंग वाटर का इस्तेमाल: जलने की स्थिति में तुरंत ठंडे पानी का इस्तेमाल करना सिखाएं।
  7. सीधे चेहरे के सामने न रखें पटाखे: पटाखे जलाते समय बच्चों को चेहरे को दूर रखने का तरीका सिखाएं।
  8. धीरे-धीरे चलें: दीयों के आसपास खेलते वक्त धीरे-धीरे चलें और दौड़-भाग से बचें।
  9. आंखों को बार-बार न छुएं: पटाखे जलाने के बाद हाथों से आंखों को न छूने की आदत डालें।
  10. डर लगने पर तुरंत मदद मांगें: किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत मदद के लिए बड़ों को बुलाना सिखाएं।

दिवाली का त्यौहार सभी के लिए सुरक्षित और खुशहाल हो सकता है, बशर्ते कि हम कुछ सावधानियों का पालन करें और बच्चों को सही तरीके से सुरक्षा के टिप्स सिखाएं।