चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की बेटियों को रेयर डिसऑर्डर: सांस लेने में दिक्कत, खाना-पीना मुश्किल, जानिए क्या है नेमालाइन मायोपैथी
भारत के चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेटियों को नेमालाइन मायोपैथी नामक एक दुर्लभ बीमारी है, जो मांसपेशियों को कमजोर करने वाली एक अनुवांशिक समस्या है। इस बीमारी के कारण उनकी बेटियों को सांस लेने में कठिनाई और भोजन करने में परेशानी होती है। इस दुर्लभ बीमारी ने उनकी दिनचर्या को बहुत चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आइए जानते हैं कि यह नेमालाइन मायोपैथी क्या है, इसके लक्षण और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां।
नेमालाइन मायोपैथी क्या है?
नेमालाइन मायोपैथी (Nemaline Myopathy) एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जो मुख्य रूप से शरीर की मांसपेशियों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में मांसपेशियों में कमजोरी और कठोरता आ जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को दैनिक गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह बीमारी बहुत ही दुर्लभ है और इसका असर सांस लेने, खाने-पीने और शारीरिक क्रियाओं पर पड़ता है।
यह मांसपेशियों में एक प्रकार की “नेमालाइन रॉड्स” नामक संरचना उत्पन्न होने के कारण होती है, जो सामान्य मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में बाधा डालती है। यह बीमारी अनुवांशिक होती है और बच्चों में जन्म के बाद से ही लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
नेमालाइन मायोपैथी के लक्षण
इस बीमारी के लक्षण रोगी के जीवन को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की बेटियों को भी इन लक्षणों का सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रमुखता से शामिल हैं:
- सांस लेने में कठिनाई: मांसपेशियों की कमजोरी के कारण श्वसन प्रणाली सही से काम नहीं कर पाती है, जिससे मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है।
- खाना-पीना मुश्किल: निगलने में मांसपेशियों की कमजोरी के कारण खाना और पानी निगलना बहुत मुश्किल हो जाता है।
- चलने-फिरने में समस्या: शरीर की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण रोजमर्रा की गतिविधियों को करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
- शारीरिक विकास में कमी: इस बीमारी के कारण बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित होता है, जिससे उनकी ग्रोथ अन्य बच्चों से धीमी हो जाती है।
नेमालाइन मायोपैथी का कारण
नेमालाइन मायोपैथी एक अनुवांशिक विकार है, जो माता-पिता से बच्चों को प्राप्त होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से जीन में हुए बदलाव या म्यूटेशन के कारण होती है, जो मांसपेशियों की संरचना को प्रभावित करता है। यह म्यूटेशन टीएमपीओ और नेबुलिन नामक जीन में हो सकता है, जिससे मांसपेशियों की कार्यप्रणाली पर असर पड़ता है।
इलाज और प्रबंधन
नेमालाइन मायोपैथी का अभी तक कोई ठोस इलाज नहीं है। हालांकि, इसके लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिनसे मरीजों की जीवनशैली को थोड़ा बेहतर बनाया जा सकता है:
- फिजियोथेरेपी: मांसपेशियों की मजबूती बढ़ाने के लिए फिजियोथेरेपी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- सांस संबंधी सहायता: सांस लेने में मदद के लिए श्वसन सहायता उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है।
- खानपान के लिए विशेष देखभाल: निगलने में कठिनाई को देखते हुए, मरीजों के लिए विशेष प्रकार के भोजन का उपयोग किया जाता है ताकि उन्हें आसानी से भोजन मिल सके।
- पेशेवर सहायता: फिजियोथेरेपिस्ट और ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट की मदद से दैनिक कार्यों को करने में मदद मिल सकती है।
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के परिवार पर इसका असर
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के परिवार के लिए यह बीमारी एक भावनात्मक और शारीरिक चुनौती है। उनकी बेटियों को दिन-प्रतिदिन की सामान्य गतिविधियों में भी मुश्किल होती है, लेकिन इसके बावजूद परिवार उनकी देखभाल के लिए हमेशा तत्पर रहता है। चंद्रचूड़ का परिवार इस कठिन समय में साहस और धैर्य के साथ सामना कर रहा है और अपनी बेटियों को बेहतर जीवन देने की कोशिश कर रहा है।
