लेबनानी शिया संगठन हिजबुल्लाह ने अपने प्रमुख नेता हसन नसरल्लाह की मृत्यु के 32 दिन बाद, नईम कासिम को अपना नया चीफ नियुक्त कर दिया है। हिजबुल्लाह के इस फैसले के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है, खासकर ईरान, इज़राइल और लेबनान के समीकरणों को लेकर।
हिजबुल्लाह का नेतृत्व परिवर्तन
कासिम की नियुक्ति का निर्णय हिजबुल्लाह की केंद्रीय कमेटी द्वारा लिया गया, जिससे यह तय हो गया कि संगठन अब अपने मिशन को उनकी अगुआई में आगे बढ़ाएगा। कासिम को इस पद के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि वह नसरल्लाह के निकट सहयोगी रहे हैं और संगठन में गहरी पैठ रखते हैं।
ईरान में कासिम की मौजूदगी का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कासिम लंबे समय से ईरान में रह रहे हैं और संभवतः उनके संबंध तेहरान की सरकार और वहां की सुरक्षा एजेंसियों के साथ हैं। हिजबुल्लाह के ईरान से गहरे संबंधों को देखते हुए यह नियुक्ति समझ में आती है, क्योंकि हिजबुल्लाह को ईरान का समर्थन लंबे समय से मिलता रहा है।
नसरल्लाह की मौत के बाद क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
हसन नसरल्लाह, जो लगभग तीन दशक से हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहे थे, उनकी मृत्यु के बाद यह पहला बड़ा कदम है। उनकी मृत्यु ने लेबनान और मध्य पूर्व में हिजबुल्लाह के समर्थकों में चिंता पैदा की थी, खासकर इस बात को लेकर कि संगठन अब किस दिशा में आगे बढ़ेगा। कासिम के नेतृत्व में यह देखने योग्य होगा कि हिजबुल्लाह का रुख इज़राइल के प्रति और ईरान से संबंधों को लेकर कैसा रहता है।
