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पेस मेकर से हार्ट अटैक के असर को कितना कम किया जा सकता है? जानें यह किसके लिए है जरूरी

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पेस मेकर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो दिल की धड़कन को नियमित करने में मदद करता है और दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है, जिनका दिल ठीक से काम नहीं करता और जो हार्ट अटैक जैसी स्थिति का सामना कर चुके हैं। आइए जानते हैं, पेस मेकर हार्ट अटैक के असर को किस तरह कम करता है और यह किसके लिए आवश्यक हो सकता है।

पेस मेकर का कार्य

पेस मेकर एक छोटा सा डिवाइस होता है जो दिल की धड़कन को नियमित रखता है। यह तब काम करता है जब दिल की धड़कन बहुत धीमी या असमान हो जाती है। पेस मेकर दिल के इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को सुधारता है और उसे सामान्य स्थिति में लाता है। हार्ट अटैक के बाद, दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है, और पेस मेकर इस स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हार्ट अटैक के असर को कम करना

जब व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है, तो दिल के कुछ हिस्से में खून की आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे दिल की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और उनकी कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। पेस मेकर इस स्थिति में दिल की धड़कन को स्थिर रखता है और असामान्य धड़कन से बचाता है। इससे दिल की कार्यक्षमता में सुधार होता है और मरीज के लिए रिकवरी की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

पेस मेकर किसके लिए जरूरी हो सकता है?

  1. हार्ट अटैक से प्रभावित लोग: जो लोग हार्ट अटैक के बाद दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनके लिए पेस मेकर बेहद मददगार हो सकता है।
  2. धीमी धड़कन वाले मरीज: अगर किसी व्यक्ति की धड़कन सामान्य से बहुत धीमी है और दिल अच्छे से खून पंप नहीं कर पा रहा, तो पेस मेकर उसकी धड़कन को नियमित करने में मदद करता है।
  3. हृदय संबंधी अन्य समस्याएं: यदि दिल के अन्य हिस्सों में ब्लॉक या डिसफंक्शन की वजह से हार्ट अटैक हो सकता है, तो पेस मेकर उन असमान धड़कनों को ठीक करने के लिए लगाया जाता है।

पेस मेकर के फायदे

  • दिल की धड़कन को नियंत्रित करना
  • हार्ट अटैक के बाद दिल के सामान्य कार्य को बहाल करना
  • रोगी को सांस की समस्या और थकान से राहत देना
  • मरीज को सामान्य जीवन जीने में मदद करना