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इंसुलिन रेजिस्टेंस से बढ़ता 31 बीमारियों का जोखिम:डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हार्ट अटैक का रिस्क, सुधारें आदतें

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इंसुलिन रेजिस्टेंस, एक स्थिति जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया कम कर देती हैं, स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यह समस्या न केवल डायबिटीज की वजह बनती है, बल्कि 31 अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ाती है, जिनमें हाइपरटेंशन, हार्ट अटैक, और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। आइए जानते हैं इस स्थिति के बारे में अधिक और इसे कैसे सुधार सकते हैं।

इंसुलिन रेजिस्टेंस क्या है?

इंसुलिन रेजिस्टेंस तब होती है जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पातीं। इससे ब्लड शुगर स्तर नियंत्रित नहीं हो पाता और शरीर अधिक इंसुलिन का उत्पादन करता है, जिससे ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्थिति अंततः टाइप 2 डायबिटीज की ओर ले जा सकती है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी बीमारियां:

  1. टाइप 2 डायबिटीज: इंसुलिन रेजिस्टेंस डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है, जिससे लंबे समय में हृदय, किडनी और आंखों को प्रभावित करने वाली जटिलताएं हो सकती हैं।
  2. हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप): इंसुलिन रेजिस्टेंस हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ा सकता है, जो दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
  3. हार्ट अटैक: उच्च इंसुलिन स्तर और रक्त शर्करा का संयोजन हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाता है।
  4. स्ट्रोक: इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण रक्तवाहिकाओं की सूजन हो सकती है, जो स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकती है।
  5. मेटाबोलिक सिंड्रोम: इसमें उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा, अत्यधिक वसा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं शामिल होती हैं।
  6. पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS): महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स का कारण बनता है।
  7. डिमेंशिया और अल्जाइमर: दीर्घकालिक इंसुलिन रेजिस्टेंस मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस को सुधारने के तरीके:

  1. संतुलित आहार:
    • फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ: जैसे कि सब्जियां, फल, और साबुत अनाज।
    • स्वस्थ वसा: जैसे कि नट्स, बीज, और एवोकाडो।
    • कम कार्बोहाइड्रेट्स: विशेष रूप से परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट्स से बचें।
  2. नियमित व्यायाम:
    • कार्डियो वर्कआउट्स: जैसे कि चलना, दौड़ना, या साइकिल चलाना।
    • वेट ट्रेनिंग: मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए।
  3. वजन नियंत्रण:
    • संतुलित आहार और व्यायाम: वजन को नियंत्रित करने के लिए।
    • हेल्दी लाइफस्टाइल: नशे की आदतों से बचें और पर्याप्त नींद लें।
  4. तनाव प्रबंधन:
    • योग और ध्यान: मानसिक तनाव को कम करने के लिए।
    • स्वस्थ जीवनशैली: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए।
  5. नियमित स्वास्थ्य जांच:
    • ब्लड शुगर और इंसुलिन स्तर की निगरानी: नियमित जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें।