पोटैशियम शरीर के महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है, जो दिल, मांसपेशियों और नसों की सही कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक है। अगर शरीर में पोटैशियम की कमी हो जाए, तो यह दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। यह खनिज इलेक्ट्रोलाइट्स के रूप में काम करता है, जो दिल की धड़कनों और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। पोटैशियम की कमी (हाइपोकैलेमिया) का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दिल के दौरे, अनियमित दिल की धड़कन और स्ट्रोक जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है।
पोटैशियम की कमी के कारण:
- असंतुलित आहार
- बार-बार उल्टी या दस्त
- मूत्रवर्धक दवाओं का अत्यधिक सेवन
- अधिक पसीना आना
- क्रॉनिक किडनी रोग
पोटैशियम की कमी के लक्षण:
- मांसपेशियों में कमजोरी: पोटैशियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। यह कमजोरी सबसे पहले पैरों और हाथों में महसूस होती है।
- दिल की धड़कन अनियमित: पोटैशियम की कमी के कारण दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है, जिसे अरिथमिया कहा जाता है। यह स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है और दिल के दौरे का खतरा बढ़ा सकती है।
- हाई ब्लड प्रेशर: पोटैशियम की कमी से रक्तचाप बढ़ सकता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
- चक्कर आना और बेहोशी: पोटैशियम की कमी से शरीर में कमजोरी और चक्कर आने की समस्या हो सकती है, जो बेहोशी का कारण बन सकती है।
- सुन्नपन और झुनझुनी: हाथों, पैरों और चेहरे में झुनझुनी या सुन्नपन का अहसास पोटैशियम की कमी का एक और संकेत हो सकता है।
- मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन: मानसिक स्थिति में बदलाव, जैसे कि चिड़चिड़ापन, अवसाद और मूड स्विंग्स, पोटैशियम की कमी से हो सकते हैं।
दिल की बीमारियों से संबंध:
पोटैशियम दिल के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इसकी कमी से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है, जिससे दिल की धड़कनों में अनियमितता आ सकती है। लंबे समय तक पोटैशियम की कमी से दिल की मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है।
पोटैशियम की कमी से बचने के उपाय:
- संतुलित आहार लें: पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे केला, संतरा, पालक, आलू, एवोकाडो और टमाटर का सेवन करें।
- डॉक्टर से सलाह लें: यदि आप कोई ऐसी दवा ले रहे हैं, जिससे पोटैशियम का स्तर घट सकता है, तो डॉक्टर से सलाह लें और नियमित रूप से अपने पोटैशियम के स्तर की जांच कराएं।
- हाइड्रेटेड रहें: अधिक पसीना आने या डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
- सप्लीमेंट्स का सेवन: डॉक्टर की सलाह पर पोटैशियम सप्लीमेंट्स का सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसे बिना सलाह के न लें, क्योंकि अत्यधिक पोटैशियम भी नुकसानदायक हो सकता है।

