भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचेंगे। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक संबंध काफी तनावपूर्ण हैं। जयशंकर का यह दौरा कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत रुकी हुई है। इस बैठक के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है।
SCO समिट और इसका महत्व
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसमें आठ सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान प्रमुख हैं। यह संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है। इस बार की बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद, व्यापारिक संबंधों, और उभरती चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।
जयशंकर का इस्लामाबाद दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि SCO के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक क्षेत्रीय शांति और सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण होने के कारण यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच कोई कूटनीतिक प्रगति होती है या नहीं।
इस्लामाबाद में 3 दिन का लॉकडाउन और सुरक्षा इंतजाम
SCO समिट के मद्देनजर इस्लामाबाद शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पाकिस्तान सरकार ने समिट के दौरान सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पूरे शहर को लॉकडाउन कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
इस्लामाबाद में 3 दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है, जिसके तहत सभी स्कूल, कॉलेज, और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। शहर की सड़कों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती का सामना किया जा सके। इसके साथ ही समिट के स्थानों और VIP क्षेत्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी भारी सुरक्षा मौजूद है।
भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से कूटनीतिक संबंधों में तनाव है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद, कश्मीर मुद्दा, और सीमावर्ती तनाव जैसे मुद्दों पर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश SCO और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नियमित रूप से मिलते हैं, लेकिन द्विपक्षीय वार्ता न होने के कारण कोई बड़ी कूटनीतिक पहल हाल के वर्षों में नहीं हो पाई है।
भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगाया है। ऐसे में SCO जैसे मंच पर दोनों देशों का एक ही मंच पर आना एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
जयशंकर की भूमिका और संभावित मुद्दे
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की इस बैठक में भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। वे आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, भारत चीन और रूस के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत करने के लिए इस मंच का इस्तेमाल करेगा, क्योंकि SCO के अन्य बड़े सदस्य देश भी इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से घेरना चाहता है। भारत ने हमेशा SCO और अन्य वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, और इस बैठक में भी यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में रह सकता है।
