इजराइली सेना ने 18 साल बाद लेबनान में एक बड़े ग्राउंड ऑपरेशन की शुरुआत की है। इस ऑपरेशन में इजराइल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइली सेना ने अमेरिकी अधिकारियों को इस ऑपरेशन के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।
ग्राउंड ऑपरेशन की शुरुआत
इजराइल ने यह ग्राउंड ऑपरेशन लेबनान के दक्षिणी हिस्से में शुरू किया है, जो हिजबुल्लाह का मुख्य गढ़ माना जाता है। यह ऑपरेशन 2006 के बाद से सबसे बड़ा माना जा रहा है, जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 34 दिनों का युद्ध हुआ था। इजराइली सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन हिजबुल्लाह के उन ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया जा रहा है, जहां से इजराइल पर लगातार हमले किए जा रहे थे।
अमेरिका को दी गई जानकारी
इस ग्राउंड ऑपरेशन से पहले इजराइली अधिकारियों ने अमेरिका को इसकी जानकारी दी थी। अमेरिका ने इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही संयम बरतने की भी सलाह दी है ताकि इस क्षेत्र में तनाव और न बढ़े। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बचने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हैं।
हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
हिजबुल्लाह, जो लेबनान में एक शिया मुस्लिम संगठन और सशस्त्र मिलिशिया है, इजराइल के खिलाफ वर्षों से लगातार हमलों में शामिल रहा है। इजराइल का यह ऑपरेशन हिजबुल्लाह के बढ़ते प्रभाव और हमलों को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
इजराइल ने हाल ही में हिजबुल्लाह द्वारा सीमा पर की जा रही गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक हिजबुल्लाह के खतरनाक ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट नहीं कर दिया जाता।
इजराइल और लेबनान के बीच बढ़ता तनाव
इजराइल और लेबनान के बीच दशकों से तनाव बना हुआ है। 2006 के युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष सीमित रहा है, लेकिन हिजबुल्लाह के हमले और इजराइल की जवाबी कार्रवाई के चलते यह तनाव बढ़ता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस ऑपरेशन के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि कुछ ने इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए बातचीत का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।
