Site icon The Daily Gazette

यूपी में दोगुनी हो गई BJP के मुस्लिम सदस्यों की संख्या! किस इलाके में सबसे ज्यादा बढ़ी? चौंकाने वाली रिपोर्ट

Spread the love

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुस्लिम सदस्यों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जो राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी दलों के लिए हैरानी का विषय बन गया है। हाल ही में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी में मुस्लिम सदस्यों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में दोगुनी हो गई है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इस बढ़ोतरी ने सभी का ध्यान खींचा है।

BJP में मुस्लिमों की बढ़ती भागीदारी

रिपोर्ट के अनुसार, यूपी में बीजेपी के मुस्लिम सदस्यों की संख्या पहले की तुलना में दोगुनी हो चुकी है। 2020 में जहां बीजेपी में मुस्लिम समुदाय के सदस्य अपेक्षाकृत कम थे, वहीं 2023 तक यह संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी को बीजेपी की ओर से किए गए कई सामाजिक और राजनीतिक प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है।

पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

बीजेपी के मुस्लिम सदस्यों की संख्या में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिली है, जिसमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत जैसे जिले प्रमुख हैं। इन इलाकों में पहले से ही मुस्लिम समुदाय का बड़ा हिस्सा निवास करता है, और यहां बीजेपी के प्रति मुस्लिमों का रुझान बढ़ना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी यूपी में बीजेपी की बढ़ती पैठ इसके लोकल नेतृत्व और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की वजह से है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए लाभकारी साबित हुई हैं। सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, और शिक्षा संबंधी सुधारों ने भी मुस्लिम समुदाय के बीच बीजेपी की लोकप्रियता को बढ़ाने में मदद की है।

BJP की रणनीति और प्रयास

बीजेपी ने हाल के वर्षों में मुस्लिम समुदाय को पार्टी से जोड़ने के लिए कई कदम उठाए हैं। पार्टी के नेताओं ने लगातार मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद स्थापित किया है और उनकी समस्याओं को हल करने की दिशा में काम किया है। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उनके कार्यक्रमों और अभियानों में मुस्लिम समाज की भागीदारी बढ़े।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुस्लिम समुदाय के साथ बेहतर संबंध बनाने पर जोर दिया है, खासकर उनकी सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर। इसके अलावा, बीजेपी ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपने कैडर का विस्तार करने और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।

चुनावी समीकरणों पर असर

यह बढ़ती सदस्यता बीजेपी के लिए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मुस्लिम वोट बैंक पर पारंपरिक रूप से सपा और बसपा जैसी पार्टियों का वर्चस्व रहा है, लेकिन बीजेपी की इस बढ़ोतरी से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। पश्चिमी यूपी में खासकर सपा को इसका नुकसान हो सकता है, क्योंकि वहां मुस्लिम समुदाय का झुकाव अब बीजेपी की ओर होता दिख रहा है।

Exit mobile version