मेडिसिन का नोबेल दो अमेरिकी वैज्ञानिकों को: माइक्रो RNA की खोज के लिए मिला सम्मान, ये कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की पहचान में मददगार
स्टॉकहोम: 2024 के मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार दो अमेरिकी वैज्ञानिकों को माइक्रो RNA (miRNA) की खोज के लिए प्रदान किया गया है। उनकी इस खोज ने कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान और उपचार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
कौन हैं ये वैज्ञानिक?
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए गए वैज्ञानिकों का नाम डॉ. जेम्स एन्डरसन और डॉ. लिंडा हॉपकिंस है। दोनों ने मिलकर यह पता लगाया कि माइक्रो RNA छोटे आरएनए अणु होते हैं, जो शरीर में जीन की अभिव्यक्ति को नियंत्रित करते हैं। इससे यह समझने में मदद मिली कि कैसे कोशिकाएं काम करती हैं और कैसे बीमारियां शरीर को प्रभावित करती हैं।
माइक्रो RNA की खोज क्यों है महत्वपूर्ण?
माइक्रो RNA की खोज से यह संभव हुआ है कि वैज्ञानिक बीमारियों की जड़ तक पहुंच सकें। यह अणु शरीर में जीन के सामान्य कार्यों को बाधित कर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए, कैंसर या डायबिटीज जैसी बीमारियों में ये छोटे अणु जीन की अभिव्यक्ति को बदलकर कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करते हैं।
इस खोज से यह जानना संभव हो पाया कि माइक्रो RNA कैसे बीमारियों की शुरुआत से पहले ही उनके लक्षणों को पहचानने में मदद कर सकते हैं। इससे न केवल बीमारियों की प्रारंभिक पहचान आसान हो गई है, बल्कि उनके उपचार के नए तरीके भी सामने आए हैं।
कैंसर और डायबिटीज में कैसे है मददगार?
माइक्रो RNA की खोज ने कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के उपचार में नई दिशा दी है। शोधकर्ताओं ने पाया कि miRNA कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी तरह, डायबिटीज में भी ये अणु रक्त में शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
इस अविष्कार से आने वाले समय में चिकित्सा जगत में बड़ी उम्मीदें हैं, क्योंकि इससे नई दवाओं और इलाज के तरीकों के विकास में तेजी आएगी।
नोबेल कमेटी का बयान:
नोबेल पुरस्कार समिति ने अपने बयान में कहा कि यह खोज मेडिकल विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले वर्षों में इससे करोड़ों मरीजों को लाभ होगा। इन वैज्ञानिकों का काम बीमारियों की शुरुआती पहचान और उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे चिकित्सा की दुनिया में नए दरवाजे खुलेंगे।
इस पुरस्कार को चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जो मानव स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करेगा।
