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बांग्लादेश में इस्कॉन पर विवादित टिप्पणी से हिंदू समुदाय में उबाल, सड़कों पर विरोध प्रदर्शन

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बांग्लादेश में इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ) के खिलाफ हाल ही में एक विवादित टिप्पणी ने देश के हिंदू समुदाय में आक्रोश को जन्म दिया है। इस बयान को हिंदू समुदाय ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरे। स्थिति तब गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने आर्मी और पुलिस द्वारा हिंसक कार्रवाई का आरोप लगाया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं।

  1. विवादित टिप्पणी से आक्रोश:
    • इस्कॉन के खिलाफ की गई टिप्पणी में हिंदू धर्म और इस्कॉन अनुयायियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में इसका विरोध शुरू हो गया।
    • हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान करार दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बयान से आहत लोग सड़कों पर उतर आए और इस्कॉन तथा हिंदू समुदाय के सम्मान की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।
  2. विरोध प्रदर्शन में हिंसा का आरोप:
    • राजधानी ढाका समेत कई अन्य शहरों में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग इस विवादित टिप्पणी के खिलाफ एकजुट हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने लगे।
    • प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विरोध को दबाने के लिए बांग्लादेशी सेना और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
    • सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में घायल प्रदर्शनकारियों को देखा जा सकता है, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
  3. प्रमुख हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया:
    • इस्कॉन और अन्य हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। उनका कहना है कि इस्कॉन के अनुयायी और हिंदू समुदाय बांग्लादेश में शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं, लेकिन हालिया घटनाएं उन्हें असुरक्षित महसूस करा रही हैं।
    • संगठनों ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने बांग्लादेशी प्रशासन से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
  4. सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का अभाव:
    • इस घटना के बाद से बांग्लादेश की सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, जिससे हिंदू समुदाय में असंतोष और बढ़ गया है।
    • हाल के वर्षों में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं, और इस प्रकार की घटनाओं ने हिंदू समुदाय के मन में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पहले से ही अल्पसंख्यक स्थिति में है और समय-समय पर धार्मिक हमलों का सामना करता रहा है। इस्कॉन के खिलाफ की गई टिप्पणी और उसके बाद हुई हिंसा ने उनके मन में डर और असुरक्षा को बढ़ा दिया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन करती हैं और बांग्लादेश में उनके अस्तित्व को खतरे में डालती हैं।