रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर से पश्चिमी देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस अपनी परमाणु नीति में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। पुतिन ने यह बयान देते हुए साफ किया कि अगर रूस की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो वह न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल से नहीं हिचकिचाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
पुतिन का सख्त रुख
पुतिन ने अपने बयान में कहा, “रूस को हर हाल में सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। अगर पश्चिमी देश हमारी संप्रभुता और अस्तित्व को खतरे में डालने की कोशिश करेंगे, तो हम अपनी परमाणु नीति में बदलाव करने को मजबूर होंगे।” उन्होंने कहा कि रूस को बचाने के लिए न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल जरूरी हो सकता है और इसे लेकर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
पुतिन के इस बयान से साफ है कि रूस अब अपनी सैन्य और रक्षा रणनीति में बदलाव करने की तैयारी में है, खासकर उस समय जब पश्चिमी देशों की ओर से लगातार प्रतिबंध और सैन्य दबाव बढ़ता जा रहा है।
परमाणु नीति में बदलाव की बात क्यों?
रूस की मौजूदा परमाणु नीति के अनुसार, वह तभी न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल करेगा जब उसकी खुद की सुरक्षा को सीधा खतरा हो या उसके खिलाफ कोई न्यूक्लियर हमला किया जाए। हालांकि, पुतिन ने अब इस नीति में बदलाव करने का संकेत दिया है। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में रूस की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करना जरूरी है, खासकर तब जब नाटो और अन्य पश्चिमी देश रूस पर सैन्य और राजनीतिक दबाव बढ़ा रहे हैं।
पश्चिमी देशों के साथ तनाव
रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ता जा रहा है, खासकर यूक्रेन संघर्ष के बाद से। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर कई आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके चलते रूस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है। पुतिन ने इन प्रतिबंधों को रूस की संप्रभुता पर हमला करार देते हुए कहा कि पश्चिमी देश रूस को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।
पुतिन ने कहा, “पश्चिमी देश हमें धमका रहे हैं और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों और उकसावे की नीति अपना रहे हैं। लेकिन हम किसी भी सूरत में झुकने वाले नहीं हैं।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पुतिन के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मच गई है। अमेरिका और नाटो ने पुतिन की धमकी को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वे किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, “परमाणु हथियारों का इस्तेमाल विनाशकारी होगा और इससे पूरी दुनिया प्रभावित होगी। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे।”
यूरोपीय संघ ने भी पुतिन के बयान की निंदा की है और इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। उन्होंने कहा कि रूस को यूक्रेन संघर्ष को लेकर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि हथियारों की धमकी देनी चाहिए।
