वाराणसी में BHU छात्र नेता द्वारा विवादित ‘बटेंगे तो कटेंगे’ पोस्टर लगाया, शहर में तनाव
वाराणसी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक विवादित पोस्टर सामने आने के बाद तनाव का माहौल बन गया है। पोस्टर पर ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा लिखा है, जो शहर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पोस्टर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के एक छात्र नेता द्वारा लगाया गया है।
पोस्टर का उद्देश्य और विवाद
BHU के छात्र नेता ने यह पोस्टर वाराणसी के विभिन्न स्थानों पर लगाए हैं, जिनमें कुछ प्रमुख इलाके भी शामिल हैं। पोस्टर में ‘बटेंगे तो कटेंगे’ जैसे उग्र नारे का प्रयोग किया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। छात्र नेता का कहना है कि यह नारा समाज में विभिन्न मुद्दों को लेकर फैलते हुए विभाजन और अत्याचार के विरोध में लगाया गया है। उनका दावा है कि इस पोस्टर के माध्यम से वह समाज में एकता की भावना को प्रकट करना चाहते थे, लेकिन यह विवाद में घिर गया है।
प्रशासन का कड़ा रुख
वाराणसी पुलिस और प्रशासन ने इस विवादित पोस्टर का संज्ञान लेते हुए इसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। पुलिस ने इस मामले में छात्र नेता से पूछताछ भी शुरू कर दी है और पोस्टर लगाने के पीछे की मंशा की जांच की जा रही है।
छात्र संघ का समर्थन और विरोध
जहां कुछ छात्र नेता इस पोस्टर के माध्यम से किए गए विरोध का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई छात्र संघ संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस नारे की आलोचना की है। उनके अनुसार, इस तरह के नारे से समाज में अस्थिरता और विवाद उत्पन्न हो सकता है, जो कि राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवादित पोस्टर के बाद वाराणसी में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कई स्थानीय नेताओं ने इसकी आलोचना करते हुए इसे असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाया गया कदम बताया है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस तरह के नारे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्ष ने इसे सरकार की नीतियों के प्रति विरोध का प्रतीक बताया है।
