पिता शाम कौशल ने बताई विक्की कौशल की स्ट्रगल स्टोरी: बोले- दिनभर काम ढूंढता था, बिना ऑडिशन के रिजेक्शन मिलते थे; 4-5 साल बाद मिला पहला मौका
बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बनाने वाले विक्की कौशल आज सफलता के शिखर पर हैं, लेकिन उनकी यह कामयाबी यूं ही नहीं मिली। उनके पिता और प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर शाम कौशल ने हाल ही में विक्की की संघर्ष भरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे विक्की को शुरुआती दिनों में एक अच्छे मौके के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा, दिनभर काम की तलाश में भटकना पड़ा और बार-बार रिजेक्शन झेलने पड़े।
विक्की के संघर्ष के शुरुआती दिन
शाम कौशल ने बताया कि विक्की के लिए एक्टिंग करियर की शुरुआत बेहद कठिन थी। वह दिनभर काम ढूंढता रहता था, लेकिन अधिकांश समय उसे रिजेक्शन ही मिलता था। कई बार ऐसा भी होता था कि उसे ऑडिशन का मौका तक नहीं दिया जाता था, बल्कि बिना देखे ही मना कर दिया जाता था। विक्की ने कई सालों तक यह मुश्किलें झेलीं और 4-5 साल तक लगातार ऑडिशन दिए, लेकिन कोई बड़ा मौका हाथ नहीं आया।
पहला मौका और विक्की का आत्मविश्वास
लगातार रिजेक्शन के बावजूद विक्की ने अपना आत्मविश्वास नहीं खोया। उन्होंने खुद पर यकीन बनाए रखा और हर ऑडिशन को एक नए मौके की तरह लिया। विक्की की मेहनत का फल उन्हें 4-5 साल बाद मिला जब उन्हें फिल्म “मसान” में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म ने विक्की के टैलेंट को दुनिया के सामने लाने का मौका दिया और उनकी एक्टिंग की तारीफ भी हुई।
शाम कौशल का अनुभव और विक्की के लिए सलाह
शाम कौशल ने अपने बेटे को यह समझाया था कि सफलता का रास्ता आसान नहीं होता और इसके लिए धैर्य रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने विक्की को सिखाया कि किसी भी रिजेक्शन को अपनी कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि हर असफलता से सीखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। शाम का मानना था कि विक्की की मेहनत और धैर्य ही उसे आगे ले जाएंगे, और विक्की ने उनके इस सलाह को हमेशा अपनाया।
विक्की की सफलता और बॉलीवुड में पहचान
विक्की कौशल की मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज वह बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा और प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक हैं। “मसान” के बाद उन्होंने “उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक,” “संजू,” और “सरदार उधम” जैसी हिट फिल्मों में काम किया, जो उनके करियर के मील के पत्थर बने। इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग ने उन्हें बॉलीवुड में एक सशक्त पहचान दिलाई।
