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पाकिस्तान में ग्वादर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे चीनी PM: 2,000 करोड़ खर्च कर चीन ने बनवाया; बलूच विद्रोहियों की वजह से हुई देरी

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इस्लामाबाद – पाकिस्तान के रणनीतिक ग्वादर शहर में स्थित नया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अब तैयार है, और इसका उद्घाटन जल्द ही चीन के प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस एयरपोर्ट को बनाने में लगभग 2,000 करोड़ रुपये (लगभग 250 मिलियन डॉलर) का खर्च आया है, जिसे पूरी तरह से चीन ने वित्त पोषित किया है। इस एयरपोर्ट का निर्माण चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के हिस्से के रूप में किया गया है, जो चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का एक महत्वपूर्ण घटक है।

ग्वादर एयरपोर्ट का महत्व
ग्वादर बंदरगाह को एक प्रमुख व्यापारिक और शिपिंग केंद्र बनाने के लिए यह एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका उद्देश्य चीन को मध्य एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के बाजारों से जोड़ना है। इसके अलावा, ग्वादर एयरपोर्ट से चीन की अरब सागर तक सीधी पहुंच हो जाएगी, जिससे चीन को ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और व्यापार के लिए एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।

यह हवाई अड्डा पाकिस्तान के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा क्योंकि इससे ग्वादर बंदरगाह पर विदेशी निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

2,000 करोड़ की लागत और चीनी निवेश
ग्वादर एयरपोर्ट की कुल लागत 2,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसे पूरी तरह से चीन ने वित्त पोषित किया है। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें बड़े कार्गो विमानों की लैंडिंग की क्षमता होगी, और यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। इसके अलावा, यह एयरपोर्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत बनने वाली अन्य परियोजनाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

बलूच विद्रोहियों के कारण देरी
हालांकि, इस परियोजना के निर्माण में बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुटों के कारण कई बार रुकावट आई। बलूचिस्तान में लंबे समय से विद्रोही गतिविधियाँ चल रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान की स्वतंत्रता और वहाँ के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण है। ये विद्रोही गुट ग्वादर बंदरगाह और चीन की बढ़ती उपस्थिति का विरोध करते हैं और इसी कारण से ग्वादर एयरपोर्ट के निर्माण में भी देरी हुई।

बलूच विद्रोही संगठनों द्वारा सुरक्षा कर्मियों और चीनी नागरिकों पर कई बार हमले किए गए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना पड़ा। पाकिस्तान सरकार ने एयरपोर्ट और अन्य CPEC परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल तैनात किए हैं, ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।

स्थानीय समुदाय का विरोध और चीन की प्रतिक्रिया
ग्वादर में स्थानीय समुदाय के कुछ हिस्सों ने भी इस परियोजना पर सवाल उठाए हैं, यह कहते हुए कि इस विकास से उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और उन्हें इस परियोजना से सीधे लाभ नहीं मिला है। हालांकि, चीन और पाकिस्तान सरकार ने स्थानीय समुदाय को विकास के लाभ साझा करने का वादा किया है और स्थानीय रोजगार सृजन के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक लाभ प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

CPEC के तहत ग्वादर का भविष्य
ग्वादर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन न केवल पाकिस्तान-चीन संबंधों को और मजबूती देगा, बल्कि यह CPEC के तहत होने वाले विकास कार्यों को भी गति देगा। यह एयरपोर्ट ग्वादर बंदरगाह के महत्व को बढ़ाएगा और इसे एक वैश्विक व्यापारिक केंद्र में बदलने के प्रयासों को समर्थन देगा।

ग्वादर शहर और इसका बंदरगाह चीन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह चीन को अपने समुद्री व्यापार के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है, जो मलक्का जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले पारंपरिक मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित और छोटा है।