धर्मेंद्र ने अमिताभ बच्चन को बताया इंडस्ट्री का इंजन: बोले- हम हमेशा उनके पीछे रहते हैं; 8 साल पहले हुआ था ‘शोले’ की स्टारकास्ट का रीयूनियन
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने साथी अभिनेता अमिताभ बच्चन की सराहना करते हुए उन्हें इंडस्ट्री का ‘इंजन’ करार दिया है। धर्मेंद्र ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि हम सभी हमेशा अमिताभ के पीछे रहते हैं, क्योंकि वे हमेशा इस फिल्म इंडस्ट्री के मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। उनका यह बयान अमिताभ बच्चन के योगदान और उनकी कड़ी मेहनत के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान को दर्शाता है।
धर्मेंद्र का अमिताभ बच्चन को लेकर बयान
धर्मेंद्र ने कहा कि अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और उनकी सफलता ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक विशेष स्थान दिलाया है। धर्मेंद्र के अनुसार, अमिताभ न केवल एक अद्भुत अभिनेता हैं, बल्कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, “अमिताभ बच्चन को फिल्म इंडस्ट्री का इंजन कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि वह जिस तरह से काम करते हैं, उससे हम सभी प्रेरित होते हैं। हम सभी उनके पीछे चलते हैं, वह जो दिशा दिखाते हैं, हम उसी दिशा में चलते हैं।”
‘शोले’ का ऐतिहासिक रीयूनियन
धर्मेंद्र ने अपने इंटरव्यू में 8 साल पहले हुए ‘शोले’ की स्टारकास्ट के रीयूनियन का भी जिक्र किया। साल 2014 में, ‘शोले’ फिल्म के 40 साल पूरे होने के मौके पर फिल्म की स्टारकास्ट ने एक साथ मिलकर उस फिल्म के ऐतिहासिक सफर को याद किया था। इस मौके पर धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, जय कांत (जया भादुरी), और अन्य प्रमुख कलाकार एक साथ नजर आए थे।
इस रीयूनियन के दौरान सभी कलाकारों ने एक-दूसरे के साथ बिताए समय की यादें ताजा की थीं और इस बात पर चर्चा की थी कि ‘शोले’ ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। यह फिल्म न केवल सिनेमा की दुनिया का एक मील का पत्थर बनी, बल्कि इसके संवाद, किरदार और गाने आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।
‘शोले’ का महत्व
‘शोले’ फिल्म 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी और यह तुरंत ही हिट हो गई थी। फिल्म के संवाद “कितने आदमी थे?” और “योद्धा की ताकत उसकी चुप्प होती है” जैसी मशहूर लाइनें आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रसिद्ध डायलॉग्स में गिनी जाती हैं। इसके अलावा, फिल्म में अमिताभ बच्चन का ‘जय’ और धर्मेंद्र का ‘वीरू’ का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है।
धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की दोस्ती और उनके बीच का गहरा सम्मान आज भी सिनेमा जगत में एक मिसाल है। यह रीयूनियन साबित करता है कि ‘शोले’ न केवल एक फिल्म थी, बल्कि एक बेमिसाल टीमवर्क का परिणाम थी, जो आज भी बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्मों में शुमार की जाती है।
