थाईलैंड सरकार ने भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत भारतीय पर्यटक अब अनिश्चितकाल के लिए वीजा-फ्री एंट्री का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत भारतीय यात्रियों को थाईलैंड में 30 दिनों तक बिना वीजा यात्रा की सुविधा मिलेगी। थाईलैंड ने यह कदम अपने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उठाया है, खासकर COVID-19 के बाद पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है।
योजना का उद्देश्य
थाईलैंड का उद्देश्य भारतीय और अन्य विदेशी यात्रियों को आकर्षित करना है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में योगदान हो सके। थाईलैंड के पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, भारतीय यात्रियों की संख्या में पिछले कुछ सालों में तेजी से वृद्धि हुई है, और यह वीजा-फ्री नीति पर्यटन में बढ़ोतरी का एक मुख्य साधन बन सकती है।
वीजा-फ्री एंट्री की प्रमुख बातें
- वीजा-फ्री एंट्री: भारतीय पर्यटक अब थाईलैंड में 30 दिनों तक बिना वीजा रह सकते हैं।
- अनिश्चितकालीन सुविधा: इस वीजा-फ्री एंट्री योजना को अभी अनिश्चितकाल तक बढ़ाया गया है, यानी इसका फिलहाल कोई समाप्ति समय नहीं है।
- आसान यात्रा: बिना वीजा यात्रा करने की सुविधा भारतीय यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में सरलता देगी।
भारतीय पर्यटकों के लिए फायदेमंद
भारत से बड़ी संख्या में यात्री थाईलैंड में बैंकॉक, फुकेट, पटाया, और चियांग माई जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं। वीजा-फ्री एंट्री से भारतीयों के लिए यात्रा करना किफायती और सहज होगा। इससे भारतीय पर्यटक इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अधिक समय बिता सकेंगे, जिससे स्थानीय बाजारों और व्यापारियों को भी लाभ होगा।
पर्यटन उद्योग पर प्रभाव
COVID-19 महामारी के कारण थाईलैंड का पर्यटन उद्योग काफी प्रभावित हुआ था। वीजा-फ्री एंट्री योजना से उम्मीद है कि भारतीय यात्रियों का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे पर्यटन उद्योग को नया जीवन मिलेगा और आर्थिक वृद्धि में योगदान होगा। थाईलैंड सरकार ने इसे अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा है।
