ट्रंप ने माइक वॉल्ट्ज को बनाया नया NSA: चीन के खिलाफ सख्त, भारत से संबंधों के समर्थक; पिछली बार बदल चुके हैं 4 NSA
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के चुनावों के प्रमुख उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने माइक वॉल्ट्ज को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम का हिस्सा बनाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पद पर नियुक्त किया है। वॉल्ट्ज अपनी चीन-विरोधी नीतियों के लिए जाने जाते हैं और भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों के पक्षधर माने जाते हैं। इस फैसले के बाद ट्रंप के अगले कार्यकाल में अमेरिका की विदेश नीति में भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
चीन के प्रति सख्त रुख
माइक वॉल्ट्ज का चीन के प्रति सख्त रुख किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने पहले भी चीन की सैन्य और आर्थिक नीतियों की आलोचना की है और अमेरिका की सुरक्षा के लिए चीन को एक बड़ा खतरा बताया है। NSA पद पर उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि ट्रंप के प्रशासन में यदि वह सत्ता में लौटते हैं, तो चीन पर और कड़ी नीतियां अपनाई जा सकती हैं।
भारत के प्रति दोस्ताना रुख
वॉल्ट्ज भारत-अमेरिका संबंधों के बड़े समर्थक माने जाते हैं। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच सहयोग से एशिया में स्थिरता और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी। NSA पद पर उनकी नियुक्ति भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
ट्रंप के कार्यकाल में NSA में बदलाव का इतिहास
डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने चार बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बदले थे। यह लगातार बदलाव उनकी नीतियों के कारण हुए विवादों और तीव्र राजनीतिक परिस्थितियों का नतीजा थे। वॉल्ट्ज की नियुक्ति को ट्रंप प्रशासन में स्थिरता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
नई विदेश नीति की संभावना
माइक वॉल्ट्ज की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि ट्रंप यदि दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं तो अमेरिका की विदेश नीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। चीन के खिलाफ कड़ा रुख और भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
