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लोकपर्व छठ में डूब न जाए जिंदगी: तेज बहाव, गहराई और गंदे पानी से बढ़ता है खतरा, जानें कैसे करें बचाव

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लोकपर्व छठ का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में भक्तजन नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान करते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। हालांकि, इस दौरान तेज बहाव, अधिक गहराई और गंदे पानी की वजह से कई बार दुर्घटनाएँ हो जाती हैं। साथ ही, गंदे पानी से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इस खबर में जानिए छठ पूजा के दौरान सुरक्षा के आवश्यक उपाय, ताकि आप और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

डूबने के खतरे से बचने के उपाय

  1. सुरक्षित स्थान का चयन करें: अर्घ्य देने के लिए ऐसा स्थान चुनें, जहाँ पानी का बहाव धीमा हो और गहराई कम हो। नदी या तालाब में जाने से पहले उसकी गहराई की जानकारी लें।
  2. गर्दन से नीचे पानी में न जाएं: अधिक गहरे पानी में जाने से बचें, खासकर अगर आप तैराकी नहीं जानते हैं।
  3. सुरक्षा दल के साथ रहें: कई जगहों पर स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा दल तैनात किए जाते हैं। उनकी सलाह का पालन करें और केवल सुरक्षा दल की निगरानी में ही पानी में उतरें।

गंदे पानी से संक्रमण से बचाव

छठ पूजा के दौरान गंदे पानी में स्नान करने या अर्घ्य देने से त्वचा रोग और अन्य संक्रमण होने का खतरा रहता है। इस दौरान विशेष ध्यान रखें कि पानी में किसी प्रकार की गंदगी न हो।

  1. साफ पानी वाले स्थान का चयन करें: अगर संभव हो, तो साफ पानी वाली जगह पर ही पूजा करें। गंदे पानी में स्नान या अर्घ्य देने से स्किन इंफेक्शन, आंखों में जलन और पेट के रोग हो सकते हैं।
  2. पानी के बाद साफ सफाई: पानी में स्नान करने के बाद तुरंत साफ पानी से धो लें और कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं।
  3. संक्रमण से बचने के लिए उपाय: पानी में जाते समय पैरों में चप्पल पहनें। अगर पानी बहुत गंदा है, तो उसमें सीधे पैर रखने से बचें।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष ध्यान

छठ के दौरान छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि वे आसानी से डूब सकते हैं या गंदे पानी से जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।

  1. बच्चों को अकेला न छोड़ें: छोटे बच्चों को पानी में अकेले न जाने दें। उनकी निगरानी करना बेहद जरूरी है।
  2. बुजुर्गों का सहारा: बुजुर्गों को अर्घ्य देने में सहारा दें और उनका हाथ थामे रखें ताकि संतुलन बिगड़ने पर वे गिर न जाएं।

तेज बहाव से सुरक्षा

कई नदियों और जलाशयों में पानी का बहाव तेज होता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

  1. बहाव का अंदाजा लें: पानी में उतरने से पहले बहाव की गति का अंदाजा लगाएं। अगर बहाव तेज है, तो किनारे पर ही पूजा करें।
  2. सुरक्षित दूरी बनाए रखें: बहाव के किनारे न जाएं और हमेशा सुरक्षा की दृष्टि से जलाशय के शांत हिस्से का चुनाव करें।

छठ पूजा में स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विभाग की ओर से छठ पर्व के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। संक्रमित पानी में स्नान करने से बचने के लिए प्रशासन ने कई स्थानों पर साफ जल की व्यवस्था की है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से स्वच्छ स्थानों पर ही पूजा करने की अपील की है।

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