जरूरत की खबर- क्या आप सेकेंड-हैंड आईफोन खरीद रहे हैं:सावधान! खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें
सेकेंड-हैंड या प्री-ओन्ड आईफोन खरीदना एक आकर्षक विकल्प हो सकता है, खासकर जब आप नए मॉडल पर बड़ी रकम खर्च नहीं करना चाहते। लेकिन इस तरह की खरीदारी में सावधानी बरतना जरूरी है ताकि आप फर्जी या खराब डिवाइस के शिकार न हों। यहां कुछ महत्वपूर्ण चीजें हैं जिन्हें आपको सेकेंड-हैंड आईफोन खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए, साथ ही चार भरोसेमंद जगहों से ही इन्हें खरीदने की सलाह दी जाती है।
खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें:
- आईफोन का IMEI नंबर जांचें:
- आईफोन के IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह नंबर आपको फोन की असलियत की पुष्टि करने में मदद करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि फोन चोरी या ब्लैकलिस्टेड तो नहीं है। IMEI नंबर सेटिंग्स में या फोन के बॉक्स पर पाया जा सकता है।
- बैटरी की स्थिति (Battery Health):
- पुराने आईफोन में बैटरी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। सेटिंग्स में जाकर “Battery Health” चेक करें। अगर बैटरी की क्षमता 80% से कम है, तो आपको बैटरी बदलने की जरूरत पड़ सकती है। इससे आपको अतिरिक्त खर्च भी हो सकता है।
- फिजिकल कंडीशन की जांच करें:
- फोन के बाहरी हिस्से की अच्छे से जांच करें। खरोंच, स्क्रीन टूटना, और बॉडी के अन्य हिस्सों को ध्यान से देखें। सेकेंड-हैंड फोन में मामूली खरोंच हो सकती हैं, लेकिन बड़े डेंट्स या स्क्रीन क्रैक संकेत हैं कि फोन गिर चुका हो सकता है।
- आईक्लाउड लॉक की स्थिति (iCloud Lock):
- यह देखना जरूरी है कि आईफोन पर iCloud Activation Lock तो नहीं लगा है। अगर यह लॉक एक्टिव है और पूर्व मालिक इसे हटा नहीं सकता, तो आप उस फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हमेशा सुनिश्चित करें कि फोन का iCloud खाता पूरी तरह से रिमूव हो चुका हो।
- फोन के सभी बटन और फीचर्स चेक करें:
- फोन के सभी बटन, जैसे पावर बटन, वॉल्यूम बटन, म्यूट स्विच, और होम बटन को चेक करें। इसके अलावा, कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर, और चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधाओं की भी जांच करें कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
- ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट:
- आईफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम चेक करें और यह सुनिश्चित करें कि फोन लेटेस्ट iOS वर्जन पर चल सकता है। यदि फोन पुराना है और भविष्य में iOS अपडेट नहीं मिलेगा, तो यह भविष्य में समस्या पैदा कर सकता है।
- वारंटी और बिल:
- अगर संभव हो, तो वारंटी या बिल की जांच करें। इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि फोन वैध रूप से खरीदा गया है और उस पर कोई बकाया नहीं है। Apple की वेबसाइट पर सीरियल नंबर डालकर आप वारंटी स्थिति भी चेक कर सकते हैं।
इन 4 ऑथेंटिक जगहों से ही खरीदें:
- Apple का आधिकारिक रीफर्बिश्ड स्टोर:
- Apple खुद अपने रीफर्बिश्ड प्रोडक्ट्स बेचता है, जिनकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की पूरी गारंटी होती है। यहां आपको लगभग नया आईफोन मिल सकता है, जो Apple द्वारा टेस्ट और सर्टिफाई किया गया होता है, और इसके साथ वारंटी भी मिलती है।
- अधिकृत रिटेलर्स और स्टोर्स:
- Apple के आधिकारिक रिटेलर्स से आप सेकेंड-हैंड आईफोन खरीद सकते हैं। इनमें Croma, Reliance Digital और अन्य प्रमुख रिटेलर्स शामिल हैं जो गुणवत्ता की गारंटी देते हैं।
- ई-कॉमर्स प्लेटफार्म (जैसे Amazon, Flipkart):
- आप Amazon और Flipkart जैसी साइट्स पर ‘सर्टिफाइड रीफर्बिश्ड’ आईफोन खरीद सकते हैं। इन प्लेटफार्म्स पर भी आप वेरिफाइड सेलर्स से खरीद सकते हैं, जिससे आपको क्वालिटी और सही कीमत की गारंटी मिलती है।
- गैजेट्स 360, Cashify और OLX जैसी वेबसाइट्स:
- इन प्लेटफार्म्स पर सेकेंड-हैंड आईफोन खरीदते समय आपको ध्यान देना चाहिए कि विक्रेता विश्वसनीय हो। Cashify और Gadget 360 जैसी वेबसाइट्स सुरक्षित तरीके से सेकेंड-हैंड फोन बेचती हैं और आप इनके प्लेटफार्म पर रिव्यू चेक कर सकते हैं।
