खालिस्तानी समर्थक और सिख फॉर जस्टिस संगठन के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कनाडा में एक बड़ा प्रदर्शन कराने का ऐलान किया है। यह रैली 16 और 17 नवंबर को कनाडा के प्रमुख मंदिरों के बाहर आयोजित की जाएगी। पन्नू ने इस प्रदर्शन के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों को भी चेतावनी दी है।
प्रदर्शन का उद्देश्य और योजना
पन्नू ने अपने समर्थकों को कनाडा में भारतीय राजनयिकों और प्रधानमंत्री मोदी समर्थकों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। इस रैली का उद्देश्य भारतीय सरकार की नीतियों और खालिस्तान के मुद्दे पर विरोध जताना बताया गया है। पन्नू का दावा है कि यह प्रदर्शन भारतीय राजनयिकों और समुदाय पर “कथित उत्पीड़न” के खिलाफ खालिस्तानी समर्थकों की एकजुटता का प्रतीक होगा।
मंदिरों के बाहर रैली का समय और स्थान
पन्नू ने खासतौर पर कनाडा के प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाते हुए प्रदर्शन की योजना बनाई है। यह रैली 16 और 17 नवंबर को आयोजित होगी और इस दौरान सिख समुदाय के लोगों को जुटाने के लिए पन्नू ने सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों के माध्यम से संदेश प्रसारित किए हैं।
पीएम मोदी समर्थकों को चेतावनी
पन्नू ने अपने संदेश में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों को चेतावनी दी है और कहा है कि वे इस प्रदर्शन से दूर रहें। उन्होंने कहा कि मोदी समर्थक यदि इसमें हस्तक्षेप करते हैं तो खालिस्तानी समर्थक उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
भारतीय समुदाय में बढ़ती चिंता
इस रैली की घोषणा के बाद कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय में चिंता का माहौल है। कनाडा के कई मंदिरों और भारतीय समुदाय संगठनों ने सुरक्षा को लेकर कनाडा की सरकार से अपील की है। मंदिरों के बाहर संभावित हिंसा या बवाल के डर से कई मंदिर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है।
कनाडा सरकार की प्रतिक्रिया
इस मामले पर अभी तक कनाडा की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कनाडा के सुरक्षा बलों को इस रैली के दौरान शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
