अगर आप भी काम में बोरियत महसूस कर रहे हैं, या ऐसा लगता है कि जीवन रूटीन और उबाऊ हो गया है, तो यह बर्नआउट (Burnout) के संकेत हो सकते हैं। बर्नआउट एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति शारीरिक और मानसिक थकान से जूझता है और किसी भी कार्य में रुचि खो देता है। यह स्थिति अक्सर अत्यधिक काम के दबाव, लंबी कार्य घंटों और सही समय पर आराम न मिलने की वजह से उत्पन्न होती है। तो क्या आप भी बर्नआउट का शिकार तो नहीं हो गए? आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय।
बर्नआउट के लक्षण
- काम में रुचि की कमी: अगर आपको अपना काम अब पहले जैसा आकर्षक नहीं लगता, तो यह बर्नआउट का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
- थकान और शारीरिक दर्द: लगातार थकान महसूस होना, सिरदर्द, पीठ में दर्द या मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं बर्नआउट के लक्षण हो सकती हैं।
- मनोबल में गिरावट: अगर आप पहले जितना प्रेरित महसूस नहीं करते और हर कार्य में अवसादित और उदास महसूस करते हैं, तो यह मानसिक थकावट का संकेत हो सकता है।
- सोचने की क्षमता में कमी: बर्नआउट के कारण निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। अगर आपको छोटी-छोटी बातें भी समझने में परेशानी हो रही हो, तो यह बर्नआउट का लक्षण हो सकता है।
- नींद में गड़बड़ी: काम के दबाव और मानसिक तनाव के कारण नींद में खलल पड़ना, लगातार सोने में कठिनाई या अत्यधिक नींद आना बर्नआउट के संकेत हो सकते हैं।
बर्नआउट के कारण
- अत्यधिक कार्यभार: जब कोई व्यक्ति बहुत अधिक काम करता है और उसे आराम का समय नहीं मिलता, तो यह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से थका देता है।
- कम समर्थन: कार्यस्थल पर यदि आपको अपने सहकर्मियों या प्रबंधक से उचित समर्थन और प्रशंसा नहीं मिल रही है, तो आप असंतुष्ट और बर्नआउट महसूस कर सकते हैं।
- नौकरी में संतोष की कमी: काम में रुचि और संतुष्टि का अभाव भी बर्नआउट का मुख्य कारण हो सकता है।
- निजी जीवन का तनाव: पारिवारिक या व्यक्तिगत समस्याएं भी कार्यस्थल पर तनाव बढ़ा सकती हैं और बर्नआउट की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
बर्नआउट से बचने के उपाय
- समय प्रबंधन: अपने कार्यों को प्राथमिकता देकर, समय का सही उपयोग करना जरूरी है। काम के बीच में छोटे ब्रेक लेना भी तनाव को कम करने में मदद करता है।
- स्वास्थ्य पर ध्यान दें: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। नियमित व्यायाम, सही आहार और पर्याप्त नींद बर्नआउट से बचने में मदद करते हैं।
- अपने कार्यों की समीक्षा करें: समय-समय पर अपनी कार्यशैली और कार्यभार का मूल्यांकन करें। अगर कार्य अत्यधिक हो तो सहकर्मियों या प्रबंधक से मदद लें।
- मनोबल बढ़ाने के लिए नई रुचियां अपनाएं: कार्य के अलावा अपनी व्यक्तिगत रुचियों को समय दें। यह मानसिक ताजगी प्रदान करेगा।
- सहयोग प्राप्त करें: अगर बर्नआउट के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत किसी विश्वासपात्र से बात करें या पेशेवर काउंसलिंग लें।

