महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार से बातचीत की है। यह कदम राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए एमवीए के भीतर चल रहे मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सीट बंटवारे पर गतिरोध:
महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), और एनसीपी प्रमुख सहयोगी दल हैं। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर इन दलों के बीच कुछ समय से असहमति चल रही है। कांग्रेस का मानना है कि उसे अधिक सीटें मिलनी चाहिए, जबकि शिवसेना और एनसीपी भी अपने-अपने हिस्से में अधिक सीटें चाह रही हैं। इससे एमवीए में तनाव उत्पन्न हो गया था और चुनावी तैयारियों पर असर पड़ रहा था।
कांग्रेस का कदम:
कांग्रेस नेतृत्व ने यह महसूस किया कि अगर यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो इससे एमवीए की चुनावी संभावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उद्धव ठाकरे और शरद पवार से व्यक्तिगत रूप से बात करके इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, इस बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द ही सीटों को लेकर कोई समाधान निकलने की संभावना है।
एमवीए की एकजुटता:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर एमवीए की तीनों पार्टियां सीट बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लेती हैं, तो यह गठबंधन आगामी चुनावों में एक मजबूत प्रतिद्वंदी के रूप में उभर सकता है। कांग्रेस, शिवसेना, और एनसीपी की एकजुटता भाजपा और अन्य विरोधी दलों के लिए चुनौती साबित हो सकती है।
आगामी चुनावी रणनीति:
अगर सीट बंटवारे पर सहमति बन जाती है, तो एमवीए चुनावों के लिए अपनी संयुक्त रणनीति तैयार करेगा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर समझौता करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कहा है कि वे राज्य की जनता के व्यापक हित में एकजुट रहकर चुनाव लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
महा विकास अघाड़ी के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रहे इस गतिरोध का हल जल्द ही निकलने की उम्मीद है, जिससे महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर एमवीए की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

