माता-पिता के साथ ही गुरु, उम्र में बड़े और विद्वान लोगों का भी आदर करना चाहिए। भारतीय संस्कृति के अनुसार ये सभी भगवान की साकार प्रतिमाएं हैं, क्योंकि इनमें परमात्मा के अंश और संदेश हैं। देवी-देवताओं की पूजा करें और माता-पिता, गुरु, विद्वान और बड़े लोगों को भी सम्मान जरूर दें। इनकी हर आज्ञा का पालन करना चाहिए। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए भगवान की प्रसन्नता कैसे मिलती है?
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:माता-पिता, गुरु, विद्वान और बड़े लोग भगवान की साकार प्रतिमाएं हैं, इनका सम्मान करें

