दुनियाभर में लोग दर्द से राहत पाने के लिए पेनकिलर्स का जमकर उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल लगभग 8 लाख करोड़ की दर्दनिवारक दवाओं का उपभोग किया जा रहा है। हालांकि, इन दवाओं का अत्यधिक और अनियंत्रित सेवन अब खुद लोगों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ये दवाएं केवल अस्थाई राहत देती हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन स्वास्थ्य पर भारी असर डाल सकता है।
पेनकिलर्स के अत्यधिक सेवन के खतरे
विशेषज्ञों के अनुसार, दर्दनिवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से किडनी, लिवर, और पेट के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। यहां तक कि यह आदत नशे में तब्दील हो जाती है, जिससे लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने लगते हैं। इससे शरीर की स्वाभाविक दर्द सहने की क्षमता कम होती जाती है, और धीरे-धीरे दवाओं पर निर्भरता बढ़ती जाती है।
डॉक्टरों की चेतावनी: सावधानी जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि पेनकिलर्स का इस्तेमाल केवल तभी किया जाना चाहिए जब अत्यधिक जरूरत हो। हल्के दर्द के लिए प्राकृतिक उपचार और एक्सरसाइज का सहारा लेना ज्यादा बेहतर है। डॉक्टरों के अनुसार, सिरदर्द, कमर दर्द, और जोड़ों के दर्द के लिए दर्दनिवारक दवाएं केवल तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं करतीं।
कैसे करें दर्द से बचाव और सुरक्षित इलाज?
डॉक्टरों के मुताबिक, दर्द से बचने के लिए इन उपायों का सहारा लिया जा सकता है:
- वैकल्पिक उपचार: योग, ध्यान, और फिजियोथेरेपी जैसी विधियां कई दर्द में राहत दिलाने में सहायक होती हैं।
- सही पोषण: विटामिन डी, कैल्शियम, और प्रोटीन युक्त भोजन जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक होता है।
- दवाओं का संतुलित सेवन: अगर पेनकिलर्स लेना भी पड़े, तो डॉक्टर की सलाह से कम मात्रा में और सीमित अवधि के लिए ही लें।
- स्वास्थ्य जांच: नियमित जांच से किडनी, लिवर, और अन्य अंगों की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है, जिससे समय पर बचाव संभव हो सके।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉक्टरों का मानना है कि पेनकिलर्स का उपयोग कई मामलों में जरूरी होता है, लेकिन इनका दुरुपयोग स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है। लोगों को दर्दनिवारक दवाओं के साथ अपनी जीवनशैली में भी बदलाव करना चाहिए, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
दर्द मिटाने के लिए जागरूकता है जरूरी
दर्द को नियंत्रित करने के लिए पेनकिलर्स पर निर्भरता कम करना जरूरी है। लोगों को समझना होगा कि हर दर्द का इलाज दवाओं में नहीं होता।

