Food & Health

69% भारतीय पर्याप्त फाइबर नहीं खाते: जानिए फाइबर न खाने के खतरे, खाने के फायदे, फल-सब्जियों और मोटे अनाज में है भरपूर

Spread the love

भारत में 69% लोग अपने दैनिक आहार में पर्याप्त फाइबर नहीं ले रहे हैं। फाइबर एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

फाइबर न खाने के खतरे:

  1. पाचन समस्याएं: फाइबर की कमी से कब्ज, गैस और सूजन जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं। यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और नियमित मल त्याग को सुनिश्चित करता है।
  2. वजन बढ़ना: फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट भरा रहता है, जिससे अधिक खाने की संभावना कम होती है। फाइबर की कमी से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।
  3. टाइप 2 डायबिटीज का खतरा: फाइबर, खासकर घुलनशील फाइबर, शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसकी कमी से इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
  4. हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव: फाइबर हृदय स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।

फाइबर के फायदे:

  1. पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाना: फाइबर पाचन तंत्र को नियमित रखता है और आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
  2. वजन प्रबंधन में मदद: फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम होती है।
  3. कोलेस्ट्रॉल कम करना: घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
  4. मधुमेह नियंत्रण: फाइबर खाने से रक्त शर्करा का स्तर स्थिर रहता है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

फाइबर के स्रोत:

फाइबर को अपने आहार में शामिल करने के लिए निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन करें:

  1. फल और सब्जियाँ: सेब, नाशपाती, गाजर, चुकंदर, और पालक जैसे फल और सब्जियाँ फाइबर से भरपूर होते हैं।
  2. मोटे अनाज: जई, जौ, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज में फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
  3. दालें और बीन्स: चना, राजमा, और मूंगफली जैसे फलीय पदार्थ भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।
  4. नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, और चिया बीज में भी उच्च फाइबर सामग्री होती है।