विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हैजा (कॉलरा) से होने वाली मौतों में 71% की बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है। यह संक्रामक बीमारी खासतौर पर उन क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है जहां साफ पानी और उचित स्वच्छता की कमी है। WHO ने लोगों को इस बीमारी को हल्के में न लेने की सलाह दी है और इसके लक्षणों और बचाव के उपायों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
हैजा के लक्षण
हैजा एक जीवाणु संक्रमण है, जो दूषित पानी या भोजन के सेवन से फैलता है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- तेज दस्त: पानी की तरह पतले दस्त आना।
- अत्यधिक उल्टी: पेट में दर्द और लगातार उल्टियां होना।
- प्यास और डिहाइड्रेशन: शरीर से बहुत अधिक पानी की कमी, सूखापन और प्यास लगना।
- कमजोरी और चक्कर आना: शरीर में नमक और तरल पदार्थों की कमी से कमजोरी और चक्कर आना।
- शरीर का ठंडा होना: हाथ और पैर ठंडे पड़ जाना।
- त्वचा का लचीलापन कम होना: डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा की लोच कम हो जाती है।
यदि इन लक्षणों का तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो यह जानलेवा हो सकता है।
हैजा से बचने के लिए 8 सावधानियां
WHO ने हैजा से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है:
- साफ और उबला हुआ पानी पिएं: हमेशा उबले हुए या फिल्टर किए गए पानी का ही सेवन करें। बाहर के अनजाने स्रोतों से पानी पीने से बचें।
- खाने से पहले हाथ धोएं: खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोना बहुत जरूरी है।
- भोजन को अच्छे से पकाएं: भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, खासकर समुद्री भोजन और मांस। कच्चे या अधपके खाने से परहेज करें।
- फलों और सब्जियों को धोकर खाएं: कच्ची सब्जियां और फल खाने से पहले उन्हें साफ पानी से धोएं या उबालें।
- शौचालय की स्वच्छता का ध्यान रखें: शौचालय की सफाई का ध्यान रखें और सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय का उपयोग करते समय स्वच्छता का पालन करें।
- दूषित खाद्य पदार्थों से बचें: बाहर खाने के दौरान यह सुनिश्चित करें कि भोजन ताजगी से बना हो और स्वच्छ वातावरण में तैयार किया गया हो।
- टीकाकरण कराएं: जहां हैजा का संक्रमण अधिक होता है, वहां टीकाकरण कराना फायदेमंद हो सकता है। टीकाकरण से संक्रमण का जोखिम कम किया जा सकता है।
- डिहाइड्रेशन से बचें: डायरिया या उल्टी होने पर तुरंत ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करें और डॉक्टर से परामर्श लें।
WHO की चेतावनी
WHO ने चेतावनी दी है कि जिन क्षेत्रों में साफ पानी और स्वच्छता का अभाव है, वहां हैजा का खतरा सबसे अधिक होता है। ऐसे में जरूरी है कि सरकारें और स्वास्थ्य संस्थान मिलकर इस बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, आम जनता को भी स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी आदतों का पालन करना चाहिए।
हैजा को हल्के में लेने से यह जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए इसके लक्षणों की पहचान कर समय पर इलाज कराना और उपरोक्त सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है।

