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दिवाली पर मीठा खाने में रखें सावधानी; डॉक्टरों ने बताई 10 महत्वपूर्ण टिप्स

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दिवाली का त्यौहार भारत में खुशियों और मिठाइयों के साथ मनाया जाता है। इस दौरान लोग मिठाईयों का आनंद लेते हैं, लेकिन मधुमेह (डायबिटीज) से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए यह समय थोड़ी सावधानी बरतने का भी है। हालिया अध्ययनों के अनुसार, लगभग आधे लोग जो डायबिटीज से ग्रस्त हैं, वे अपनी बीमारी से अनजान होते हैं। इस स्थिति में, उन्हें अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है।

डॉक्टरों द्वारा बताई गई 10 सावधानियां:

  1. ब्लड शुगर की नियमित जांच करें:
    दिवाली के समय पर मिठाई खाने से पहले अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करें। इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि आप कितनी मिठाई सुरक्षित रूप से खा सकते हैं।
  2. मिठाईयों का चयन समझदारी से करें:
    ताजगी और शुद्धता का ध्यान रखें। कम चीनी या स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों जैसे गुड़ से बनी मिठाईयों को प्राथमिकता दें।
  3. मात्रा का ध्यान रखें:
    मिठाई खाने की मात्रा पर ध्यान दें। एक बार में छोटी मात्रा में मिठाई का सेवन करें और पूरे दिन में इसे संतुलित रखें।
  4. फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं:
    मिठाई खाने के बाद थोड़ा चलने-फिरने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। नियमित व्यायाम भी महत्वपूर्ण है।
  5. फाइबर का सेवन बढ़ाएं:
    अपने भोजन में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, और साबुत अनाज शामिल करें। इससे पाचन बेहतर होता है और रक्त शर्करा नियंत्रित रहता है।
  6. पानी की मात्रा बढ़ाएं:
    हाइड्रेटेड रहना बहुत महत्वपूर्ण है। पानी का अधिक सेवन आपके शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है।
  7. आलसी खाने से बचें:
    फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें, क्योंकि इनमें उच्च मात्रा में चीनी और वसा होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती हैं।
  8. मिठाई की जगह मेवे का सेवन करें:
    मीठे स्नैक्स के बजाय सूखे मेवे या ताजे फल चुनें। ये न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं, बल्कि इनमें प्राकृतिक मिठास भी होती है।
  9. डॉक्टर से सलाह लें:
    यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो दिवाली से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना सुनिश्चित करें। वे आपको आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही मार्गदर्शन देंगे।
  10. सकारात्मक मानसिकता रखें:
    तनाव कम करें और सकारात्मक रहें। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है, इसलिए खुश रहने का प्रयास करें।
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