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सेलेना गोमेज़ का खुलासा: ऑटोइम्यून डिजीज लूपस के कारण मां नहीं बन सकतीं

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अमेरिकी सिंगर और बिजनेस वुमेन सेलेना गोमेज़ ने हाल ही में अपने स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। 32 साल की उम्र में ब्लूमबर्ग बिलेनियर की सूची में जगह बनाने के बाद सेलेना ने खुलासा किया कि वह कभी मां नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा, “मैंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि दुर्भाग्य से मैं अपने बच्चे को खुद जन्म नहीं दे सकती हूं। मेरे साथ कई मेडिकल समस्याएं हैं, जिनके चलते मेरे बच्चे की जिंदगी को खतरा हो सकता है। यह जानने के बाद मैं लंबे समय तक शोक में रही हूं।”

सेलेना गोमेज़ को ‘लूपस’ नाम की एक ऑटोइम्यून डिजीज है। इस बीमारी के कारण 2017 में उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करवाना पड़ा था। लूपस के कारण इम्यून सिस्टम हाइपर एक्टिव हो जाता है और शरीर के अंगों और टिश्यूज पर हमला करना शुरू कर देता है। यह स्थिति शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे किडनी, फेफड़े और हार्ट को प्रभावित कर सकती है और कई बार प्रेग्नेंसी पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।

लूपस: क्या है यह बीमारी?

लूपस एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जो पूरे शरीर में इंफ्लेमेशन का कारण बनती है। इस स्थिति में इम्यून सिस्टम शरीर की सुरक्षा करने की बजाय इसे ही नुकसान पहुंचाने लगता है। इस डिजीज के लक्षण किसी भी हिस्से में दिखाई दे सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इम्यून सिस्टम शरीर के किस हिस्से के टिश्यूज पर हमला कर रहा है।

लूपस के लक्षण:

लूपस के लक्षण पूरे शरीर में उत्पन्न हो सकते हैं। यह ऑटोइम्यून डिजीज होने के कारण इसके लक्षण व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करते हैं। इसके लक्षण आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होते हैं। शुरू में इसके एक या दो लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, इसके कई लक्षण सामने आ सकते हैं। लूपस के लक्षण अक्सर इस तरह आते-जाते हैं जैसे समुद्र में ज्वार-भाटा।

जब इसके लक्षण गंभीर होते हैं, तो यह व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। इसके विपरीत, जब लक्षण हल्के होते हैं, तो प्रभावित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। आमतौर पर इसके लक्षणों में थकान, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, बुखार, और किडनी में सूजन शामिल हैं।

लूपस होने का कारण और जोखिम:

लूपस के कारणों का अभी तक कोई सटीक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, कुछ आनुवंशिक, हार्मोनल, और पर्यावरणीय कारण इस बीमारी को ट्रिगर कर सकते हैं। कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  1. आनुवंशिक कारण: कुछ जेनेटिक म्यूटेशन होने के कारण लूपस होने की आशंका बढ़ जाती है। लूपस फाउंडेशन ऑफ अमेरिका के अनुसार, करीब 50 जीन लूपस के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
  2. हार्मोनल असंतुलन: शरीर में हार्मोनल असंतुलन, विशेष रूप से एस्ट्रोजन लेवल में वृद्धि, इस बीमारी के विकास की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
  3. पर्यावरणीय टॉक्सिन्स: लूपस का खतरा इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति कितना प्रदूषित क्षेत्र में रहता है या सनलाइट के संपर्क में कितना आता है।
  4. अन्य स्वास्थ्य स्थितियां: लंबे समय तक स्मोकिंग, अत्यधिक तनाव, और कुछ ऑटोइम्यून कंडीशंस के कारण लूपस ट्रिगर हो सकता है।
  5. कुछ दवाएं: आर्थराइटिस, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और स्पॉन्डिलाइटिस के लिए दी जाने वाली कुछ दवाएं भी लूपस होने का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

लूपस का उपचार:

अभी तक लूपस के इलाज के लिए कोई खास दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, कुछ दवाओं की मदद से इसके लक्षण कम किए जा सकते हैं। डॉक्टर्स इलाज शुरू करने से पहले यह पता लगाते हैं कि लूपस से शरीर के किस अंग को खतरा है, उसके बाद दवाओं की मदद से नुकसान को कम करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा, लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव भी इसके लक्षणों को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

लूपस होने पर लाइफस्टाइल में बदलाव:

लूपस के लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टर कई बार लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह भी देते हैं। इनमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव इस प्रकार हैं:

सेलेना गोमेज़ का अनुभव और उनके खुलासे ने एक बार फिर से लूपस जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी पर लोगों का ध्यान खींचा है। यह एक ऐसी स्थिति है, जो किसी के भी जीवन को प्रभावित कर सकती है।

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