‘सा रे गा मा पा’ में गुरु रंधावा बने मेंटर: सिंगिंग टैलेंट्स को गाइड करने का अनुभव और म्यूजिक इंडस्ट्री पर विचार
सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ एक बार फिर दर्शकों के बीच वापसी कर रहा है, और इस बार शो में मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं मशहूर कंपोजर-सिंगर गुरु रंधावा। शो में अपनी नई भूमिका के बारे में दैनिक भास्कर से हुई एक खास बातचीत में गुरु रंधावा ने बताया कि वे इस जिम्मेदारी को कैसे देखते हैं, नए टैलेंट्स को गाइड करने का उनका अनुभव कैसा रहा है, और म्यूजिक इंडस्ट्री में आए बदलावों पर उनके क्या विचार हैं।
शो का ऑफर मिलते ही क्या थी प्रतिक्रिया?
गुरु रंधावा ने शो का ऑफर मिलने पर अपनी पहली प्रतिक्रिया को लेकर कहा, “ऑफर मिलते ही मैंने मजाक में कहा, ‘सारे पैसे अकाउंट में डालो!’। ‘सा रे गा मा पा’ बहुत नेक्स्ट लेवल शो है और इसका हिस्सा बनना गर्व की बात है। यह मेरे लिए एक बड़ा मौका है और मैं बहुत खुश हूं कि उन्होंने मुझे चुना।”
मेंटॉर बनने की जिम्मेदारी
गुरु रंधावा का मानना है कि मेंटर बनने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, लेकिन उन्होंने इस पर सकारात्मक नजरिया रखा है। उन्होंने कहा, “सिंगर्स के लिए सबसे जरुरी है कि वे खुद को कैसे पेश करते हैं और म्यूजिक के साथ कैसे नए-नए एक्सपेरिमेंट करते हैं। मैं चाहता हूं कि इस शो से निकलने वाले सिंगर्स खुद को आजाद महसूस करें और अपनी मर्जी का म्यूजिक बनाएं। क्योंकि वही म्यूजिक हिट होता है, जो लोगों ने पहले नहीं सुना हो।”
नए टैलेंट्स को गाइड करने का मंत्र
नए टैलेंट्स को गाइड करते हुए गुरु का सबसे बड़ा मंत्र है “बस लगातार लगे रहो। शो जीतो या हारो, हमेशा मेहनत करते रहो।” उन्होंने निरंतरता को सफलता की कुंजी बताया और कहा कि जैसे रोजाना ब्रश करना हमारी आदत होती है, वैसे ही रोज मेहनत करना भी जरुरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लगातार प्रयास करने से ही कामयाबी मिलती है।
म्यूजिक इंडस्ट्री में बदलाव
गुरु रंधावा ने म्यूजिक इंडस्ट्री में आए बड़े बदलावों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “पहले गाना रिलीज करने में समय लगता था, अब यह आसान हो गया है। अब और जिम्मेदारी आ गई है क्योंकि लोग जुड़े हुए हैं। ऑडियंस देख रही है कि आप कैसा म्यूजिक दे रहे हो।” उन्होंने बताया कि अब हर तीन महीने में नई ऑडियंस आती है, और म्यूजिक भी बहुत जल्दी हिट होता है। इसलिए म्यूजिक इंडस्ट्री में अप-टू-डेट रहना बेहद जरुरी है।
रिजेक्शन का सामना और सीख
रिजेक्शन के बारे में बात करते हुए गुरु रंधावा ने कहा, “रिजेक्शन मिलना जरूरी है, ये कुछ नया करने का मौका देता है। परमानेंट तो कुछ भी नहीं होता।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिजेक्शन से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि खुद को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं खुद को रोज रिजेक्ट करने के लिए तैयार रखता हूं, ताकि बेहतर कर सकूं।”
नए सिंगर्स के लिए सलाह
आज के नए सिंगर्स के लिए गुरु रंधावा का संदेश है, “बहुत मेहनत करो और अपने पेरेंट्स और उन लोगों का ध्यान रखो जिन्होंने आपकी मदद की है। अगर आपको किसी ने रिजेक्ट किया है, लेकिन आपके पास गाने हैं, तो आप पहले से ही सुपरस्टार हो।” उन्होंने मेहनत, लगन और परिवार के समर्थन को सफलता की कुंजी बताया।
गुरु रंधावा का ये नजरिया और उनकी बातें न केवल शो के प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक हैं, बल्कि उन सभी के लिए हैं जो म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं।
