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रूस में आज BRICS प्लस सम्मेलन, जयशंकर होंगे शामिल: द्विपक्षीय वार्ता में मोदी ने कहा- ‘आपसी विश्वास जरूरी’, जिनपिंग बोले- ‘हम एक-दूसरे से खतरा नहीं’

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रूस में आज BRICS प्लस शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर हिस्सा ले रहे हैं। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और विकास से जुड़े मामले प्रमुख रहेंगे। इसके साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जहां दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास और सहयोग की बात कही।

मोदी: ‘आपसी विश्वास और सहयोग जरूरी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS सम्मेलन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी विश्वास और सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर BRICS देशों के बीच मजबूत सहयोग हो, तो दुनिया में विकास और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। मोदी ने सभी देशों से आग्रह किया कि वे एकजुट होकर काम करें और विकासशील देशों की समस्याओं पर ध्यान दें।

शी जिनपिंग: ‘हम एक-दूसरे से खतरा नहीं’

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस सम्मेलन के दौरान अपने विचार साझा किए और कहा कि BRICS देशों को एक-दूसरे को खतरा समझने की बजाय आपसी सहयोग को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा, “BRICS देशों के बीच किसी तरह का अविश्वास नहीं होना चाहिए। हमें आपसी सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”

BRICS प्लस का महत्व:

BRICS प्लस सम्मेलन का उद्देश्य न केवल BRICS देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है, बल्कि इसमें दूसरे विकासशील देशों को भी शामिल कर वैश्विक चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ना है। इस मंच के जरिए व्यापार, निवेश, पर्यावरण और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

द्विपक्षीय वार्ता:

प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता खासा महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच सीमा विवादों और तनाव ने रिश्तों पर असर डाला है। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि भविष्य में आपसी विश्वास और शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए ही समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

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