यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच सरकार ने सेना की भर्ती प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अब अधिकारियों ने बार, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक स्थलों और यहां तक कि शादी समारोहों तक में छापेमारी शुरू कर दी है। जो युवा सेना में रजिस्टर नहीं कर रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। यह कदम रूसी आक्रमण के बीच देश की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कहां हो रही हैं छापेमारियां?
- बार और रेस्टोरेंट्स: कई युवाओं को बार और रेस्टोरेंट्स में गैर-कानूनी रूप से छिपकर सेना में भर्ती से बचने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। इन स्थानों पर छापेमारी के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
- शादी समारोह: कुछ मामलों में शादी समारोहों तक में रेड की गई है। जहां पार्टी में शामिल युवकों की जांच की गई कि उन्होंने सेना में रजिस्ट्रेशन किया है या नहीं।
- सार्वजनिक स्थान: यूक्रेन के विभिन्न शहरों के सार्वजनिक स्थलों पर भी पुलिस और सेना की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, ताकि सेना में भर्ती से बचने वालों को रोका जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया:
यूक्रेनी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कठिन समय में हर सक्षम युवक की जिम्मेदारी है कि वह देश की सुरक्षा में योगदान दे। युद्ध के हालात को देखते हुए सेना में भर्ती के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सेना के अधिकारियों ने कहा है कि अगर कोई युवा सेना में अपनी सेवा नहीं देना चाहता, तो वह देशद्रोह का दोषी माना जाएगा।
गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई:
जो युवा सेना में रजिस्ट्रेशन से बचते हुए पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, और जरूरत पड़ने पर उन्हें सेना में भेजा जा रहा है। ऐसे युवाओं पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया:
यूक्रेन के कुछ हिस्सों में इस कदम का विरोध भी हो रहा है। कई परिवारों का कहना है कि उनके बच्चों को जबरन सेना में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि वे शारीरिक या मानसिक रूप से सक्षम नहीं हैं। हालांकि, सरकार इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है और इसे देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रही है।
