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यहां नवरात्रि में जागरण करती हैं मां भगवती: नहीं होती शयन आरती, सती की कोहनी गिरी थी, 2000 साल से भी पुराना है हरसिद्धि मंदिर

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उज्जैन के प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अद्वितीय है। यह मंदिर देवी सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती की कोहनी गिरी थी। यह मंदिर 2000 साल से भी पुराना है और इसकी प्राचीनता के साथ-साथ इसकी मान्यता भी अत्यंत गहरी है। खासकर नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल भक्तिमय हो जाता है, क्योंकि इस दौरान मां भगवती स्वयं जागरण करती हैं, और पूरे नौ दिनों तक शयन आरती नहीं होती।

मंदिर की धार्मिक महत्ता

हरसिद्धि मंदिर का उल्लेख पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यह स्थान उन शक्तिपीठों में से है जहां देवी सती के शरीर के अंग गिरे थे, और यही वजह है कि इसे विशेष रूप से शक्तिशाली और सिद्धपीठ माना जाता है। मंदिर में देवी हरसिद्धि को मां भगवती के रूप में पूजा जाता है, और उनकी महिमा नवरात्रि के दिनों में और भी बढ़ जाती है।

नवरात्रि में विशेष पूजा और जागरण

नवरात्रि के दिनों में हरसिद्धि मंदिर में अद्वितीय परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान मंदिर में मां भगवती की शयन आरती नहीं की जाती, जो अन्य मंदिरों में आमतौर पर की जाती है। यह माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान देवी स्वयं जागरण करती हैं और भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। मंदिर में 24 घंटे देवी के भजन, कीर्तन और जागरण का आयोजन होता है, जिससे चारों ओर भक्तिमय माहौल बना रहता है।

यहां की एक और खास परंपरा यह है कि नवरात्रि के दौरान मंदिर के दोनों प्रमुख दीप स्तंभों पर प्रतिदिन दीपक जलाए जाते हैं। इन स्तंभों पर सैकड़ों दीपक एक साथ जलते हैं, जो न केवल श्रद्धालुओं के बीच आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि यह दृश्य अत्यंत अद्भुत और भव्य होता है।

मंदिर का इतिहास और स्थापत्य कला

हरसिद्धि मंदिर का निर्माण 2000 साल से भी पुराना माना जाता है और इसके स्थापत्य में प्राचीन भारतीय शैली की झलक मिलती है। मंदिर के गर्भगृह में माता हरसिद्धि की काले पत्थर की भव्य मूर्ति स्थापित है, जो अद्भुत और दिव्य आभा बिखेरती है। मंदिर की स्थापत्य कला इसे धार्मिक महत्व के साथ-साथ एक सांस्कृतिक धरोहर भी बनाती है।

माना जाता है कि विक्रमादित्य के शासनकाल में यह मंदिर अत्यधिक लोकप्रिय था, और उन्होंने खुद यहां पूजा-अर्चना की थी। विक्रमादित्य के नाम से जुड़ी यह मान्यता इसे और भी विशेष बनाती है।

नवरात्रि में उमड़ती है भक्तों की भीड़

हरसिद्धि मंदिर में नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, जागरण और भंडारों का आयोजन किया जाता है। भक्त यहां अपने कष्टों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना करते हैं। नवरात्रि में यहां का माहौल अत्यंत श्रद्धा और आस्था से भरा रहता है, और मंदिर में आने वाले भक्तों को एक अलग ही ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है।

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