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जावेद अख्तर: ‘मुझे मेरी पहली शादी टूटने का अफसोस है’; बोले- ‘मैंने नशे में बहुत गलतियां कीं, फिर 1991 में हमेशा के लिए छोड़ी शराब’

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मशहूर गीतकार, लेखक और शायर जावेद अख्तर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ अहम और भावुक पलों को साझा किया। उन्होंने अपनी पहली शादी टूटने का अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि उनके शराब की लत और नशे में की गई गलतियों ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। जावेद अख्तर ने खुलासा किया कि 1991 में उन्होंने हमेशा के लिए शराब छोड़ दी थी।

पहली शादी टूटने का अफसोस

जावेद अख्तर ने अपनी पहली शादी हनी ईरानी से की थी, जो एक सफल स्क्रिप्ट राइटर हैं। इस शादी से उनके दो बच्चे, फरहान अख्तर और जोया अख्तर, हैं। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और दोनों अलग हो गए। जावेद अख्तर ने इस अलगाव के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी आदतें और नशे में की गई गलतियां उनकी शादी के टूटने का कारण बनीं।

उन्होंने कहा, “मुझे मेरी पहली शादी टूटने का गहरा अफसोस है। मैंने अपनी गलतियों के कारण एक खूबसूरत रिश्ते को खो दिया। शराब की लत ने मेरी सोच और व्यवहार को बदल दिया था, और मैंने नशे में कई गलत फैसले किए।”

शराब की लत और छोड़ने का फैसला

जावेद अख्तर ने अपने संघर्ष के दिनों में शराब की लत से जूझा। उन्होंने स्वीकार किया कि शराब की वजह से न केवल उनके व्यक्तिगत रिश्ते प्रभावित हुए, बल्कि इसका असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। लेकिन 1991 में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया और शराब को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

उन्होंने कहा, “मैंने महसूस किया कि शराब मुझे अंदर से खोखला कर रही थी। न केवल मेरे रिश्तों को, बल्कि मेरी सोच और क्रिएटिविटी को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही थी। मैंने खुद से वादा किया कि अब और नहीं। और तब से मैंने शराब को हाथ नहीं लगाया।”

शबाना आज़मी से दूसरा रिश्ता

हनी ईरानी से तलाक के बाद, जावेद अख्तर की मुलाकात मशहूर अभिनेत्री शबाना आज़मी से हुई और दोनों ने शादी कर ली। जावेद अख्तर और शबाना आज़मी का रिश्ता बॉलीवुड के सबसे मजबूत और प्रेरणादायक रिश्तों में से एक माना जाता है। जावेद अख्तर ने शबाना के साथ अपने रिश्ते को संजीदगी से निभाया और दोनों ने एक-दूसरे के साथ हर मुश्किल घड़ी में साथ दिया।

करियर की ऊंचाइयां

जावेद अख्तर की व्यक्तिगत जिंदगी भले ही उथल-पुथल भरी रही हो, लेकिन उनके पेशेवर जीवन में उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘सागर’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी कई हिट फिल्मों के लिए गीत और डायलॉग्स लिखे। उनके लेखन ने उन्हें बॉलीवुड में एक विशेष स्थान दिलाया और वह कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे गए, जिनमें पद्म भूषण और साहित्य अकादमी जैसे सम्मान शामिल हैं।

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