बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने का सपना लेकर हजारों लोग मुंबई आते हैं, लेकिन यहां टिकना आसान नहीं होता। ऐसा ही कुछ हुआ डायरेक्टर जगत सिंह के साथ, जो मुंबई में एक्टर बनने के इरादे से पहुंचे थे। मगर, अपनी मंजिल तक पहुंचने का सफर उतना आसान नहीं था। जगत सिंह ने बताया कि जब वे मुंबई आए, तो एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा और शुरूआत में उन्हें जिम में काम करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मुंबई में अपने सपनों को साकार करने के लिए कुछ भी करना पड़ता है।”
जिम से लेकर फिल्म डायरेक्टर बनने का सफर
जगत सिंह का यह सफर बहुत मुश्किलों भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे बताते हैं कि मुंबई में टिका रहना सबसे बड़ी चुनौती थी। एक्टर बनने का सपना लेकर आए जगत सिंह ने जिम में ट्रेनर के रूप में काम करना शुरू किया, ताकि वे अपने खर्चे निकाल सकें और फिल्मी दुनिया में अपने लिए मौके तलाशते रहें। उन्होंने कहा, “मैंने कई छोटे-मोटे काम किए, ताकि मुंबई में रहकर अपनी मंजिल तक पहुंच सकूं।”
जगत सिंह ने जिम ट्रेनर के तौर पर काम करते हुए न केवल अपनी फिटनेस बनाए रखी, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के संपर्क में भी आए। उनका यह संघर्ष जल्द ही रंग लाया और उन्होंने खुद की फिल्म बनाने का सपना पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए। अब वे अपनी खुद की फिल्म बना रहे हैं, जिसमें न केवल वे निर्देशन करेंगे बल्कि कुछ किरदारों को भी निभाएंगे।
सपने को साकार करने का जज़्बा
जगत सिंह का मानना है कि बॉलीवुड में सफल होने के लिए टैलेंट के साथ-साथ धैर्य और समर्पण की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा, “मुंबई एक ऐसा शहर है जहां अगर आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। मैंने अपनी पूरी कोशिश की और जो भी काम मिला, उसे पूरे दिल से किया।”
अब वे अपनी आने वाली फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी यात्रा और संघर्ष को शामिल किया है। फिल्म में दिखाया जाएगा कि कैसे एक आम इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संघर्ष से गुजरता है और अंत में अपनी मंजिल तक पहुंचता है।
मुंबई में टिके रहने का संघर्ष
मुंबई जैसे बड़े शहर में टिके रहना आसान नहीं होता। हर दिन हजारों लोग यहां अपने सपनों को लेकर आते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अपने सपनों को हकीकत में बदल पाते हैं। जगत सिंह की कहानी भी उन्हीं संघर्षों से भरी है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें एक्टिंग में मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जिम में ट्रेनर का काम करते हुए अपनी आजीविका चलाई।
